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हर्ष फायर मामले में जब्त शस्त्र वापस नहीं मिलेंगे, न्यायालय ने आवेदन खारिज किया

शादी समारोह में हर्ष फायर की घटना

ग्वालियर के बदनापुरा क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान बाईस मई दो हजार पच्चीस को रूप सिंह, कल्लू और हेमंत द्वारा हर्ष फायरिंग की गई थी। समारोह का वीडियो वायरल होने के बाद पुरानी छावनी थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ आर्म्स अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के लाइसेंसी शस्त्र भी जब्त कर लिए थे।

आरोपियों के दावे और पुलिस का पक्ष

आरोपियों ने जब्त शस्त्रों को वापस करने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। उनका कहना था कि पुलिस ने जब्ती से पहले कोई जांच नहीं की और वायरल वीडियो फर्जी या छेड़छाड़ किया हुआ हो सकता है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि लाइसेंसी शस्त्र आत्मरक्षा के लिए खरीदे गए थे। दूसरी ओर पुलिस की ओर से अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र शर्मा ने आवेदन का विरोध किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों का आचरण गंभीर है और हर्ष फायरिंग से लोगों के जीवन को खतरा पैदा हुआ।

न्यायालय का निर्णय और कारण

अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पष्ट किया कि शादी समारोह में हर्ष फायर करना मानव जीवन को संकट में डालने वाला कृत्य है और लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन भी है। न्यायालय ने कहा कि अभियोजन प्रक्रिया अभी प्रारम्भ भी नहीं हुई है और ऐसे में शस्त्रों को वापस नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने जब्त शस्त्रों को लौटाने संबंधी आवेदन को खारिज कर दिया।

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