Reporter: Dinesh Nagwanshi, Edit By: Mohit Jainab
Tamiya: तामिया स्थित वन परिक्षेत्र देलाखारी के चारगांव (बम्हनी) बीट में सागौन की अवैध कटाई लगातार जारी है। जंगल में जगह-जगह सागौन के ठूंठ नजर आ रहे हैं, जो खुलेआम हो रही तस्करी की गवाही दे रहे हैं। वन अपराधी बिना किसी डर के सागौन की कटाई और तस्करी में लगे हुए हैं।
वन अमले पर संदेह गहराया
इस पूरे मामले में परिक्षेत्र सहायक रामप्रसाद पंद्रे और चारगांव बीट के वन रक्षक राजेंद्र विश्वकर्मा की भूमिका संदेह के घेरे में है। परिक्षेत्र सहायक का दो बार स्थानांतरण और पदोन्नति होने के बावजूद चारगांव–बम्हनी बीट से उनका जुड़ाव बना रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।

पहले भी हो चुकी है अवैध कटाई
यह पहली बार नहीं है जब चारगांव बीट में सागौन की कटाई सामने आई हो। इससे पहले भी यहां कई बार सागौन की अवैध कटाई हो चुकी है। पूर्व में इसी बीट से सागौन से भरा ट्रैक्टर भी पकड़ा गया था, इसके बावजूद तस्करी पर लगाम नहीं लग सकी।
कुंभकरणी नींद में वन विभाग
लगातार हो रही अवैध गतिविधियों के बावजूद वन विभाग की निष्क्रियता साफ दिखाई दे रही है। अपराधी बेखौफ हैं और वन विभाग पर कुंभकरणी नींद सोने के आरोप लग रहे हैं।

मुख्यालय में न रहना बना समस्या
चारगांव बीट के वन रक्षक राजेंद्र कुमार विश्वकर्मा मुख्यालय में निवास न कर तामिया में रहकर बीट की निगरानी कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में निगरानी कमजोर पड़ रही है और अपराधियों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।
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चारगांव बीट बना तस्करों का गढ़
लगातार सामने आ रहे मामलों से चारगांव बीट सागौन तस्करों का गढ़ बनता जा रहा है। अब देखना यह है कि वन विभाग इस गंभीर मामले पर कब ठोस कार्रवाई करता है और जंगल की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाता है या नहीं।





