सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को लगाई फटकार, डॉक्टर की विधवा को ब्याज सहित 1 करोड़ रुपये देने का आदेश

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

BY: Yoganand Shrivastva

उत्तराखंड में एक सरकारी डॉक्टर की हत्या के बाद उनकी पत्नी को मुआवजे के लिए नौ साल तक संघर्ष करना पड़ा। इस देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई और आदेश दिया कि अब परिवार को 1 करोड़ रुपये की राशि ब्याज सहित दी जाए।

क्या है पूरा मामला?

उत्तराखंड के जसपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 20 अप्रैल 2016 को एक सरकारी डॉक्टर की ड्यूटी के दौरान हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन यह राशि अब तक पूरी तरह से नहीं दी गई, जिससे डॉक्टर की विधवा को मुआवजे के लिए अदालत का रुख करना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण पीड़ित परिवार को नौ साल तक मुकदमा लड़ना पड़ा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को देरी के कारण हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी और ब्याज सहित पूरी राशि अदा करनी होगी।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “मुख्य सचिव द्वारा 50 लाख रुपये देने की मंजूरी के बावजूद इस राशि को जारी नहीं किया गया। यह न्याय प्रक्रिया के खिलाफ है। इसलिए, सरकार को ब्याज सहित 1 करोड़ रुपये का मुआवजा तुरंत देना होगा।”

अतिरिक्त पेंशन लाभ का भी आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ मुआवजा देने का निर्देश दिया, बल्कि राज्य सरकार को पीड़ित परिवार को अतिरिक्त पेंशन लाभ देने का भी आदेश दिया। इससे पहले, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 2018 में सरकार को 1.99 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में देने का निर्देश दिया था, जिसमें 7.5% वार्षिक ब्याज भी शामिल था।

उत्तराखंड सरकार की सफाई

सुनवाई के दौरान उत्तराखंड सरकार ने दलील दी कि उन्होंने पहले ही पीड़ित परिवार को 11 लाख रुपये दिए हैं। 2021 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत ग्रैच्युटी, पेंशन, छुट्टी के पैसे और अन्य वित्तीय लाभ भी दिए गए हैं। साथ ही, परिवार के बेटे को स्वास्थ्य विभाग में जूनियर असिस्टेंट की नौकरी दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला

राज्य सरकार की दलीलों को सुनने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने 1 करोड़ रुपये में से 11 लाख रुपये घटाकर पीड़ित परिवार को 89 लाख रुपये देने का अंतिम आदेश दिया।

न्याय की देरी पर सवाल

इस मामले ने सरकारी तंत्र की सुस्ती और न्याय प्रक्रिया में देरी को उजागर किया है। यदि सरकार 2016 में ही घोषित राशि दे देती, तो परिवार को सालों तक संघर्ष नहीं करना पड़ता। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से न्याय की उम्मीद रखने वाले कई अन्य पीड़ित परिवारों को भी राहत मिलेगी।

उन्नाव में साक्षी महाराज का बयान – “योगी सरकार में अपराधियों की नहीं खैर”….यह भी पढ़े

Crime Control Drive: रायपुर में पुलिस का विशेष अभियान तेज, 22 संदिग्धों पर की गई वैधानिक कार्रवाई

Crime Control Drive: तेलीबांधा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई, संदिग्धों की

Ebola Surveillance: इबोला प्रभावित देशों से लौटे तीन लोगों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर, दुर्ग में अलर्ट जारी

Ebola Surveillance: कांगो, इथियोपिया और युगांडा से लौटे यात्रियों की निगरानी, सैंपल

UPSC Aspirant Support: यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा की मदद को आगे आए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी

UPSC Aspirant Support: कलेक्टर से मुलाकात में छात्रा महिमा प्रजापति की भावुक

Road Projects :MP में सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी,केंद्र से दो सड़क परियोजनाओं को मंजूरी

Road Projects : डबल इंजन की सरकार, विकास की नई रफ्तार,बैतूल-खंडवा-खरगोन-बड़वानी को

Palari Municipal Election में कांग्रेस का दबदबा, अध्यक्ष पद यानेश साहू ने जीता

Palari Municipal Election: अध्यक्ष पद में रोमांचक मुकाबला, यानेश साहू ने 506