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Shrimad Bhagwat Katha – सत्संग से समाज में सदाचार, नैतिकता और समरसता की भावना होती है मजबूत: मुख्यमंत्री

Shrimad Bhagwat Katha cm mohan yadav swadesh news

Shrimad Bhagwat Katha: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रसिद्ध संत श्री कमल किशोर नागर महाराज की कथा में हुए शामिल भागवत कथा वचनों का श्रवण किया

Shrimad Bhagwat Katha: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भागवत कथा और सत्संग से समाज में सदाचार, नैतिकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। कथा और सत्संग आध्यात्मिक अनुभूति और सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम भी है। कथा श्रवण और सत्संग से मन तृप्त होता है और जीवन संवरता है। भगवान की भक्ति, कथा श्रवण और सत्संग से वह तृप्ति मिलती है जो भौतिक सुख, वैभव और छप्पन भोग में भी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर के ग्राम चित्तौड़ा में संत श्री कमल किशोर नागर महाराज की कथा के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुवर श्री कमल किशोर नागर जी का नाम ही हमारे लिए सौभाग्य का प्रतीक है। वर्षों से आपके प्रवचनों के माध्यम से हम भगवान की भक्ति में स्वर्ग लोक का अनुभव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कथा एवं सत्संग के श्रवण से स्वर्ग लोक सहित सभी तीर्थों का आनंद प्राप्त हो जाता है। उन्होंने भक्ति और सत्संग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भौतिक सुख-साधन और 56 भोग भी मन को तृप्त नहीं कर सकते, लेकिन भगवान की भक्ति और सत्संग मन को पूर्ण तृप्ति प्रदान करते है और सफल जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

Shrimad Bhagwat Katha: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ माता की सेवा के लिए महाराज श्री कमल किशोर नागर जी द्वारा किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है। महाराज जी ने समाज को यह चेतना दी है कि केवल प्रवचन ही नहीं, बल्कि संस्कार और सेवा भी उतनी ही आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद गौशालाओं के विकास के लिए लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और मध्यप्रदेश को गौ-सेवा का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। घर-घर गोपाल की भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जहां गाय है, वहीं गोपाल का वास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति की परंपराओं, कुंभ और सिंहस्थ स्नान के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल केवल शारीरिक शुद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की उत्पत्ति और परंपरा का आधार है। मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी के शुद्धिकरण और जल संरक्षण के प्रयासों से आगामी सिंहस्थ को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का संकल्प भी दोहराया।

जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और विकास तीनों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प साकार हो रहा है। प्रदेश में हर गाँव और शहर में गीता भवन बनाये जा रहे हैं। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि शिप्रा नदी के शुद्धिकरण के संकल्प को पूर्ण करने का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में तेजी से किया जा रहा है। शिप्रा के 29–30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण, बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान 24 घंटे में करोड़ों श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्थाएँ— सहित सभी ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा और शिप्रा का निरंतर प्रवाह बना रहे, जिससे आचमन और यज्ञ-स्नान जैसे पवित्र कर्म निर्बाध हो इसके लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं।

Shrimad Bhagwat Katha: संत श्री कमल किशोर नागर जी महाराज ने कहा कि नीति और धर्म से सुसज्जित शासन ही सच्चे विकास की नींव है। जब शासन नीति और धर्म के साथ चलता है, तभी प्रजा की वास्तविक भलाई होती है और विकास एवं प्रगति को नई दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि नीति के बिना राज अधूरा है और धर्म के बिना धन भी अधूरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों की तरह जमीन पर बैठकर सरलता और सादगी के साथ कथा का श्रवण किया। यह आचरण उनकी भक्ति भावना, विनम्रता और सहज व्यक्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब किसी प्रदेश में धार्मिक आयोजन होते हैं और उनके साथ नीति एवं धर्म दोनों एक साथ खड़े होते हैं, तब वह प्रदेश स्वतः ही सुशोभित और समृद्ध बनता है। व्यस्ततम कार्यक्रमों के बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ऐसे आयोजनों को समय देना उनकी संवेदनशीलता और आध्यात्मिक रुचि का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव केवल राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के तीर्थों, मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के भी गहरे जानकार हैं, उनके पास गहरा और समृद्ध अनुभव है।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक श्री रमेश मेंदोला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, एसपी ग्रामीण श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री रणजीत सिंह आंजना सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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