Shashi Tharoor: जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान पर कांग्रेस सांसद और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताया था। उनके इस बयान का स्वागत करते हुए शशि थरूर ने कहा कि यह बिल्कुल सही बात है और भारत लंबे समय से यही कहता आया है।
सर्जियो गोर इन दिनों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर हैं। उनके दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति, अमेरिकी यात्रा सलाह और क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। गोर के बयान को भारत की स्थिति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Shashi Tharoor: थरूर ने अमेरिकी राजदूत के बयान का किया स्वागत
पत्रकारों ने जब शशि थरूर से जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिकी राजदूत के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने इसका स्वागत किया। थरूर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है और इस बात को लेकर भारत की स्थिति पहले से स्पष्ट रही है।
Delhi: On U.S. Ambassador to India Sergio Gor's statement regarding Jammu and Kashmir, Congress MP Shashi Tharoor says, "We know that it's very good that he is saying it, but this is something we have been insisting on for a long time." pic.twitter.com/au7D7xmeIs
— IANS (@ians_india) August 19, 2026
उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि अमेरिकी राजदूत ने सार्वजनिक रूप से इस बात को कहा है। थरूर के मुताबिक भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करता रहा है।
Shashi Tharoor: सर्जियो गोर ने क्या कहा था
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान क्षेत्र को भारत का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को बेहद खूबसूरत जगह बताते हुए कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र से जुड़ी अपनी यात्रा संबंधी सलाह की समय-समय पर समीक्षा करता है।
गोर के मुताबिक केंद्र सरकार, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी वजह से अमेरिका की ओर से जारी यात्रा चेतावनी के स्तर में बदलाव की संभावना पर विचार किया जा सकता है।
Shashi Tharoor: दो दिवसीय दौरे पर जम्मू-कश्मीर पहुंचे सर्जियो गोर
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंचे हैं। दौरे के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ मुलाकात की और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को लेकर बातचीत की।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गोर ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने संकेत दिया कि अगर परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी यात्रा सलाह की समीक्षा की जा सकती है।
Shashi Tharoor: जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर अमेरिका की नजर
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों को अमेरिका देख रहा है। इसी आधार पर यात्रा संबंधी चेतावनियों की समीक्षा की संभावना जताई गई है।
गोर ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर एक खूबसूरत क्षेत्र है और कई अमेरिकी नागरिक यहां आकर इसकी प्राकृतिक सुंदरता और यहां मौजूद अवसरों को देखना पसंद कर सकते हैं। उनके इस बयान को क्षेत्र में पर्यटन को लेकर सकारात्मक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
Shashi Tharoor: यात्रा सलाह में बदलाव पर अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं
सर्जियो गोर ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल अमेरिकी यात्रा सलाह में किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा। इसका मतलब है कि यात्रा चेतावनी के स्तर में बदलाव को लेकर अंतिम फैसला आगे की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
अमेरिका आमतौर पर अलग-अलग देशों और क्षेत्रों के लिए सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए अपने नागरिकों को यात्रा संबंधी सलाह जारी करता है। जम्मू-कश्मीर के मामले में भी सुरक्षा स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर इस सलाह की समीक्षा की जाती है।
Shashi Tharoor: भारत की स्थिति को लेकर थरूर ने रखी अपनी बात
शशि थरूर ने सर्जियो गोर के बयान को भारत की लंबे समय से चली आ रही स्थिति के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है और इस बात को भारत लगातार स्पष्ट करता रहा है।
थरूर की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राजदूत का जम्मू-कश्मीर दौरा राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से चर्चा में है। गोर के बयान के बाद इस मुद्दे पर भारत में भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
Shashi Tharoor: भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में भी बयान अहम
अमेरिकी राजदूत का जम्मू-कश्मीर को लेकर दिया गया बयान भारत और अमेरिका के संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर तब जब दोनों देशों के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक सहयोग लगातार चर्चा में रहता है।
जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत की स्थिति लंबे समय से स्पष्ट रही है। ऐसे में अमेरिकी राजदूत की ओर से क्षेत्र को भारत का हिस्सा बताने वाले बयान को भारतीय पक्ष के लिए सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
Shashi Tharoor: पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावना पर भी जोर
सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए अमेरिकी पर्यटकों के यहां आने की संभावना की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि अगर सुरक्षा परिस्थितियां बेहतर रहती हैं तो अधिक अमेरिकी नागरिक इस क्षेत्र की यात्रा में रुचि दिखा सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों को भी फायदा मिलने की संभावना रहती है।
Shashi Tharoor: पाकिस्तान के रुख के बीच बयान पर बढ़ी चर्चा
जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी राजदूत की ओर से जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताए जाने वाले बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर कूटनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
भारत लगातार जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताता रहा है और इस मामले में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता। सर्जियो गोर के ताजा बयान के बाद भारत में इसे इसी व्यापक कूटनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
Shashi Tharoor: रक्षा विशेषज्ञ ने भी बयान को बताया महत्वपूर्ण
अमेरिकी राजदूत के बयान पर रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन रिटायर्ड अनिल गौर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे भारत के पक्ष में महत्वपूर्ण टिप्पणी बताया। उनके अनुसार जम्मू-कश्मीर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति लगातार स्पष्ट रही है और गोर का बयान इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
हालांकि, जम्मू-कश्मीर से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर अलग-अलग राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में अमेरिकी राजदूत के बयान को लेकर आगे भी राजनीतिक चर्चा जारी रहने की संभावना है।
Shashi Tharoor: थरूर की प्रतिक्रिया से क्या संकेत मिलते हैं
शशि थरूर की प्रतिक्रिया से यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी राजदूत की ओर से जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताए जाने को लेकर भारतीय राजनीतिक हलकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया है। थरूर ने साफ तौर पर कहा कि यह सही बात है और भारत लंबे समय से यही कहता आया है।
फिलहाल सर्जियो गोर के दौरे और उनके बयानों के बाद सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी मौजूदा यात्रा सलाह में कोई बदलाव करता है। इस पर अंतिम निर्णय अमेरिकी अधिकारियों की समीक्षा के बाद ही सामने आएगा।




