BY: Yoganand Shrivastva
Repo Rate Hike EMI Impact भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी किए जाने के बाद होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों पर इसका असर दिखना शुरू हो सकता है। रेपो रेट बढ़कर 5.50 प्रतिशत होने के बाद बैंकों की उधारी लागत बढ़ेगी, जिसका प्रभाव लोन की ब्याज दरों और मासिक किस्तों (EMI) पर पड़ सकता है।
फ्लोटिंग रेट लोन वालों पर बढ़ेगा दबाव
Repo Rate Hike EMI Impact रेपो रेट में वृद्धि का सबसे ज्यादा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जिन्होंने फ्लोटिंग रेट पर लोन लिया है। ऐसे ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या फिर बैंक लोन की अवधि बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं। हालांकि, फिक्स्ड रेट पर लोन लेने वाले ग्राहकों की किस्तों पर तत्काल कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
रेपो लिंक्ड और MCLR लोन पर अलग असर
Repo Rate Hike EMI Impact रेपो रेट से जुड़े EBLR और RLLR आधारित लोन की ब्याज दरों में बदलाव अपेक्षाकृत जल्दी देखने को मिलेगा। बैंकों को निर्धारित समयावधि में इन दरों की समीक्षा करनी होती है। वहीं MCLR आधारित लोन पर असर कुछ समय बाद दिखाई देगा, क्योंकि इनकी दरें तय अवधि पर रीसेट की जाती हैं।
नए लोन लेने वालों को करना होगा अतिरिक्त खर्च का सामना
Repo Rate Hike EMI Impact त्योहारी सीजन में घर, वाहन या अन्य जरूरतों के लिए लोन लेने की योजना बना रहे लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक ब्याज दरों का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंकों द्वारा लोन महंगे किए जाने की संभावना है, जिससे नई EMI का बोझ भी बढ़ सकता है। ऐसे में ग्राहकों को लोन लेने से पहले ब्याज दरों और भुगतान क्षमता का आकलन करना जरूरी होगा।


