Mohit Jain
रतलाम के डोंगरे नगर स्थित बोधि इंटरनेशनल स्कूल में 8वीं कक्षा के छात्र द्वारा तीसरी मंजिल से कूदने की घटना में नया मोड़ आया है। पुलिस ने छात्र के बयान के आधार पर स्कूल प्रिंसिपल डॉली चौहान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस खुद फरियादी बनी है।

छात्र का आरोप: करियर खत्म करने और स्कूल से निकालने की धमकी दी
शुक्रवार रात बोलने की स्थिति में आने के बाद छात्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह मोबाइल स्कूल लाने के कारण प्रिंसिपल से मिलने गया था। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उसे धमकाते हुए कहा कि उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा, पुरस्कार वापस ले लिए जाएंगे और उसका करियर खत्म कर दिया जाएगा। छात्र ने बताया कि इस दौरान प्रिंसिपल ने अपशब्द भी कहे और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
’गालियों और अपमान से डर गया था इसलिए कूद गया’
छात्र ने बताया कि उसे इतनी गालियां और धमकियां दी गईं कि वह डर गया और घबराहट में स्कूल की तीसरी मंजिल पर जाकर छलांग लगा दी। गिरने से उसके दोनों पैर, दाहिना कंधा, जबड़ा और कमर गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
एएसआई विनोद कटारा की ओर से प्रिंसिपल डॉली चौहान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(b), 351(2) और किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत केस दर्ज किया गया है।
52 बार ‘सॉरी’ बोला, फिर भी नहीं मानीं प्रिंसिपल
घटना के पहले छात्र को मोबाइल लाने और क्लासरूम में रील बनाने पर फटकार लगाई गई थी। उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए प्रिंसिपल से 52 बार ‘सॉरी’ कहा, लेकिन वह नहीं मानीं। डर और दबाव में छात्र ने यह कदम उठा लिया।
ABVP व आदिवासी संगठनों का प्रदर्शन
शनिवार को आदिवासी छात्र संगठन, परिवारजन और समाजजनों ने स्कूल के बाहर तीन घंटे तक धरना दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रिंसिपल पर केस दर्ज नहीं हुआ तो स्कूल को सोमवार से नहीं खुलने देंगे। देर रात ABVP का प्रतिनिधिमंडल भी एएसपी राकेश खाखा से मिला और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद रेफर
रतलाम में प्राथमिक उपचार के बाद छात्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे शनिवार सुबह





