मन की बात: PM मोदी बोले-भारत की कॉफी अब विश्व की पहचान बन रही है, जानें 10 मुख्य बातें

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मन की बात’ में पीएम मोदी बोले “भारत की कॉफी अब विश्व की पहचान बन रही है, जानें 10 मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस बार प्रधानमंत्री ने देश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण, आत्मनिर्भरता और एकता जैसे मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने छठ महापर्व, भारतीय कॉफी, वंदे मातरम्, जीएसटी बचत उत्सव, ऑपरेशन सिंदूर, भारतीय नस्ल के कुत्तों और मैंग्रोव वनों पर विस्तार से चर्चा की।

1. छठ महापर्व पर पीएम मोदी का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने छठ महापर्व को संस्कृति, प्रकृति और समाज की एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा,

“छठ के घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा होता है। यह भारत की सामाजिक एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि अगर मौका मिले तो एक बार छठ उत्सव में जरूर भाग लें।”

2. “आज चाय नहीं, कॉफी पर चर्चा करेंगे”- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा,

“आप सभी चाय से मेरे जुड़ाव के बारे में जानते हैं, लेकिन आज मैंने सोचा कि मन की बात में कॉफी पर चर्चा की जाए।”

उन्होंने बताया कि ओडिशा की कोरापुट कॉफी का स्वाद और गुणवत्ता लाजवाब है। मोदी ने कहा कि भारत की कॉफी अब दुनिया भर में पहचान बना रही है:

“चाहे कर्नाटक का चिकमंगलूर, कुर्ग, हसन हो या तमिलनाडु का नीलगिरी, पुलनी और अन्नामलाई क्षेत्र भारतीय कॉफी अपनी विविधता और स्वाद के कारण वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध हो रही है।”

3. अंबिकापुर नगर निगम की पीएम मोदी ने की तारीफ

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की अनोखी पहल का जिक्र किया। उन्होंने कहा “अंबिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं, जहां लोग प्लास्टिक कचरा देकर भरपेट भोजन पा सकते हैं। एक किलो से अधिक प्लास्टिक लाने वालों को दोपहर या रात का खाना दिया जाता है, जबकि आधा किलो प्लास्टिक लाने वालों को नाश्ता मिलता है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि ये सराहनीय पहल अंबिकापुर नगर निगम द्वारा संचालित की जा रही है।

4. ऑपरेशन सिंदूर और माओवाद पर प्रधानमंत्री की बात

पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश का हर नागरिक गर्व से भर गया है। उन्होंने बताया कि अब उन इलाकों में भी दीप जल रहे हैं जहां कभी माओवादी आतंक का अंधकार छाया रहता था।

“लोग अब उस माओवादी हिंसा का अंत चाहते हैं, जिसने उनके बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल दिया था।”

5. जीएसटी बचत उत्सव और आत्मनिर्भर भारत

प्रधानमंत्री ने बताया कि जीएसटी बचत उत्सव को लेकर देशभर में उत्साह देखा जा रहा है। त्योहारों के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि लोग अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मोदी ने यह भी बताया कि उन्होंने नागरिकों से खाद्य तेल की खपत में 10% की कमी करने का आग्रह किया था, जिस पर लोगों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही।

6. भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनाने की अपील

मोदी ने सुरक्षा बलों और नागरिकों से भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनाने की अपील दोहराई। उन्होंने बताया कि BSF और CRPF जैसी एजेंसियों ने अब भारतीय नस्ल के ‘श्वानों’ की संख्या बढ़ा दी है क्योंकि वे हमारे परिवेश और परिस्थितियों के अनुरूप ज्यादा सक्षम हैं।

7. मैंग्रोव वन और पर्यावरण संरक्षण

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंग्रोव वनों के संरक्षण का असर अब पूरे क्षेत्र में दिख रहा है।

“इन क्षेत्रों में डॉल्फ़िन, केकड़े और प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ी है। इससे पर्यावरण तो सुधरा ही है, साथ ही मछली पालन करने वालों की आमदनी भी बढ़ी है।”

8. सरदार पटेल की जयंती पर ‘Run For Unity’ का आह्वान

प्रधानमंत्री ने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर हर देशवासी को “Run For Unity” में भाग लेना चाहिए।

“सरदार पटेल आधुनिक भारत की सबसे महान विभूतियों में से एक रहे हैं। उनकी जयंती पर एकता दौड़ देश को नई ऊर्जा देगी।”

9. ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष उल्लेख

मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ शब्द मात्र नहीं, बल्कि एक भावना है जो 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है।

“7 नवंबर को हम वंदे मातरम् के 150वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। 1896 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार गाया था। यह हमारे राष्ट्रीय गर्व और एकता का प्रतीक है।”

10. संस्कृत और भारतीय परंपरा पर जोर

पीएम मोदी ने संस्कृत भाषा को भारत की सांस्कृतिक धरोहर बताया और युवाओं से इसे सीखने और अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की आत्मा है।


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