BY
Yoganand Shrivastava
Opposition Alliance Against NDA महाराष्ट्र के राजनैतिक गलियारों में इन दिनों एक नई और बेहद दिलचस्प चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या दिग्गज नेता शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी- शरदचंद्र पवार [NCP (SP)] का भविष्य में कांग्रेस में विलय (Merger) हो सकता है? इस मुद्दे ने महाविकास आघाड़ी (MVA) और सत्तारूढ़ महायुति दोनों ही खेमों में हलचल तेज कर दी है। इस बहस की शुरुआत शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत के एक बयान से हुई, जिसके बाद कांग्रेस और खुद शरद पवार की पार्टी के शीर्ष नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
Opposition Alliance Against NDA संजय राउत का बड़ा सुझाव: “पवार साहब आगे आएं और मजबूत विकल्प बनाएं”
इस पूरी बहस को हवा देते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को कड़ी चुनौती देने के लिए विपक्ष का मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि जो भी क्षेत्रीय दल अतीत में किन्हीं कारणों से कांग्रेस से अलग होकर बने थे और आज भी उसी विचारधारा पर काम कर रहे हैं, उन्हें अब एक साथ आ जाना चाहिए। राउत ने कहा:
“देश में एक प्रबल विकल्प के रूप में एक अखंड और मजबूत कांग्रेस खड़ी रहनी चाहिए। माननीय शरद पवार जी को इस संदर्भ में आगे आकर पहल करनी चाहिए। अगर वे इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व करते हैं, तो यह विचार बहुत आगे जाएगा और मोदी सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी की जा सकेगी।”
Opposition Alliance Against NDA कांग्रेस का रुख: “ममता-पवार सबको लगता है कि देश बचाने के लिए साथ आना जरूरी”
कांग्रेस ने भी संजय राउत के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और इसे सिरे से खारिज नहीं किया। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने दावा किया कि एनसीपी का कांग्रेस में विलय का विचार कोई नया नहीं है, इस पर पहले भी चर्चा हो चुकी है। पटोले के अनुसार, अब यह समझ ममता बनर्जी, शरद पवार और धर्मनिरपेक्ष राजनीति करने वाले अन्य क्षेत्रीय क्षत्रपों में भी विकसित हो रही है कि देश को बचाने के लिए उन्हें कांग्रेस के मुख्य बैनर तले आना होगा और यह प्रक्रिया देश में शुरू हो चुकी है।
Opposition Alliance Against NDA सुप्रिया सुले और रोहित पवार ने नहीं नकारा, कहा— “हो भी सकता है और नहीं भी”
औपचारिक रूप से एनसीपी (SP) ने अभी किसी भी विलय के प्रस्ताव से इनकार किया है, लेकिन पार्टी के युवा और वरिष्ठ नेताओं के बयानों ने सस्पेंस बरकरार रखा है:
- सुप्रिया सुले (सांसद): “संजय राउत जी मेरे बड़े भाई जैसे हैं, उन्होंने एक अच्छा और सकारात्मक सुझाव दिया है। हालांकि, भविष्य में ऐसा होगा या नहीं, यह मैं अभी नहीं कह सकती।”
- रोहित पवार (विधायक): “यह चीज जब होनी होगी, तब होगी। ऐसा हो भी सकता है और नहीं भी। लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि सभी विपक्षी दल एकजुट होकर मौजूदा सरकार के खिलाफ मजबूती से लड़ें।”
Opposition Alliance Against NDA मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का तंज— “डूबते जहाज में कोई विलय नहीं करेगा”
विपक्ष के इस संभावित महा-विलय और एकजुटता की खबरों पर सत्तापक्ष ने तीखा हमला बोला है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस खुद एक “डूबता हुआ जहाज” है, ऐसे में कोई भी क्षेत्रीय दल अपनी पहचान खोकर उसमें शामिल नहीं होना चाहेगा। उन्होंने दावा किया कि यदि ये दल एकजुट हो भी जाते हैं, तो इससे भाजपा के बढ़ते प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि भाजपा को राज्य में अपना राजनैतिक दायरा (Political Space) बढ़ाने का और बड़ा मौका मिल जाएगा।





