दिल्ली: केंद्र सरकार अवैध अप्रवास और घुसपैठ को नियंत्रित करने के लिए संसद के बजट सत्र में ‘आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025’ पेश करने की तैयारी कर रही है। इस विधेयक का उद्देश्य भारत में विदेशी नागरिकों के प्रवेश, निकास और प्रवास से संबंधित प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना है।
वर्तमान में, भारत में विदेशी नागरिकों के प्रवेश और प्रवास को नियंत्रित करने के लिए विदेशी पंजीकरण अधिनियम, 1939 और विदेशी अधिनियम, 1946 जैसे पुराने कानून लागू हैं। नया विधेयक इन कानूनों को प्रतिस्थापित करके अधिक प्रभावी और आधुनिक प्रावधान लाने का प्रयास करेगा।
सरकार ने बजट सत्र के लिए प्राथमिकता वाले 16 विधेयकों की सूची जारी की है, जिसमें ‘आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025’ भी शामिल है। हालांकि, इस विधेयक को अभी तक केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी नहीं मिली है, जिसके कारण इसके संसद में पेश किए जाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लंबे समय से बांग्लादेश से हो रही अवैध घुसपैठ को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाकर रखी है, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में। इस विधेयक के माध्यम से सरकार अवैध अप्रवासियों पर सख्त कार्रवाई करने की योजना बना रही है।
बजट सत्र 1 फरवरी से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें सरकार इन प्रस्तावित विधेयकों को पारित कराने के लिए रणनीति तैयार कर रही है।
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