रिपोर्ट- अनिरुद्ध सोनाने
NHM Protest Bhopal : भोपाल, 20 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को आशा और उषा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में आशा-उषा कार्यकर्ता भोपाल पहुंचीं और लिंक रोड नंबर-3 स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी 10 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शनकारी आशा-उषा कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से वे कम मानदेय पर स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, राज्य कर्मचारी का दर्जा, सामाजिक सुरक्षा, सेवा शर्तों में सुधार और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। उनका कहना है कि कोरोना काल सहित विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
NHM Protest Bhopal : ये प्रमुख 10 मांगे हैं
- आशा, उषा और आशा पर्यवेक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
- मानदेय/वेतन में बढ़ोतरी कर नियमित मासिक वेतन सुनिश्चित किया जाए।
- समय पर मानदेय और प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) का भुगतान किया जाए तथा लंबित भुगतान तुरंत जारी किया जाए।
- सामाजिक सुरक्षा के तहत ईपीएफ, ईएसआई, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ दिए जाएं।
- स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा तथा ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या मृत्यु पर पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
- सेवा की स्थिरता सुनिश्चित करते हुए बिना उचित कारण किसी भी आशा-उषा कार्यकर्ता को सेवा से न हटाया जाए।
- वार्षिक वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) और अन्य वित्तीय लाभ नियमित रूप से दिए जाएं।
- सेवानिवृत्ति पर सम्मानजनक आर्थिक सहायता/पेंशन की व्यवस्था की जाए।
- कार्य के अनुरूप अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि और अन्य भत्ते (यात्रा, मोबाइल आदि) उपलब्ध कराए जाएं।
- कार्य परिस्थितियों और सेवा शर्तों में सुधार करते हुए लंबे समय से लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
प्रदर्शन को देखते हुए एनएचएम कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। लिंक रोड नंबर-3 स्थित कार्यालय परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा। लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल रही।

राजधानी के लिंक रोड 3 पर आशा-उषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। लिंक रोड नंबर-3 पर कोलार रेस्ट हाउस से लेकर माधवराव सप्रे चौराहे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के वाहन सड़क के दोनों ओर खड़े रहे, जबकि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एनएचएम कार्यालय के बाहर और फुटपाथ पर धरना-प्रदर्शन करती रहीं। इससे इस मार्ग पर यातायात काफी प्रभावित हुआ।

NHM Protest Bhopal : 11 बजे से 1 बजे तक रेंगते रहे वाहन
प्रदर्शन के चलते सुबह करीब 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक सड़क पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। करीब दो घंटे तक वाहन रेंगते रहे और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा। कई स्थानों पर लंबा जाम लगने से वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़े।

NHM Protest Bhopal : ऑफिस जाने वालों और मरीजों को हुई परेशानी
जाम का सबसे अधिक असर दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज आने-जाने वाले लोगों और अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों पर पड़ा। कई लोग समय पर अपने कार्यालय नहीं पहुंच सके, जबकि इलाज के लिए अस्पताल जा रहे मरीजों और उनके परिजनों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
NHM Protest Bhopal : भारी पुलिस बल तैनात, फिर भी नहीं संभल सकी ट्रैफिक व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन वाहनों की संख्या और प्रदर्शनकारियों की भीड़ के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं रह सकी। पुलिस लगातार ट्रैफिक को सुचारू करने का प्रयास करती रही, लेकिन जाम लंबे समय तक बना रहा। कई स्थानों पर पुलिसकर्मी वाहनों को निकालने की कोशिश करते नजर आए, बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
NHM Protest Bhopal : 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएचएम का घेराव
आशा-उषा कार्यकर्ता वेतन वृद्धि, राज्य कर्मचारी का दर्जा, सामाजिक सुरक्षा सहित अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर से भोपाल पहुंची थीं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यालय का घेराव कर सरकार से जल्द मांगें पूरी करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. आशा-उषा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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