मप्र पुलिस भर्ती में ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए नए नियम लागू

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BY: Yoganand shrivastva

भोपाल: मध्यप्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को शामिल करने के लिए नियमों को स्पष्ट कर दिया गया है। अब थर्ड जेंडर के उम्मीदवारों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए अपने जिले के कलेक्टर से लिंग प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। मेडिकल परीक्षण के बाद कलेक्टर यह तय करेंगे कि उम्मीदवार मूलतः पुरुष हैं या महिला। इस प्रमाण पत्र के आधार पर ही उम्मीदवार लिखित परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

भर्ती और प्रशिक्षण में पैमाने:
लिंग प्रमाण पत्र के अनुसार ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के शारीरिक दक्षता मानक तय किए गए हैं। अगर उम्मीदवार महिला लिंग से संबंधित है तो उन्हें महिला आरक्षकों के फिटनेस मानकों का पालन करना होगा, और पुरुष होने पर पुरुष आरक्षकों के नियम लागू होंगे। यह नियम भर्ती के बाद बेसिक ट्रेनिंग के दौरान भी लागू होंगे।

आवेदन प्रक्रिया और ओबीसी आरक्षण:
मध्यप्रदेश सरकार के निर्देश पर ईएसबी ने आरक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के आवेदन की तिथि 22 अक्टूबर तक बढ़ाई है और प्रोफाइल में ट्रांसजेंडर के लिए अलग जेंडर विकल्प जोड़ा है। 19 अप्रैल 2023 की अधिसूचना के अनुसार ट्रांसजेंडर समुदाय को ओबीसी श्रेणी में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि वे 14% ओबीसी आरक्षण के तहत सीटों पर आवेदन कर सकते हैं और संबंधित छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण और कल्याण योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

फिटनेस टेस्ट मानक:

  • महिला उम्मीदवारों के लिए: 800 मीटर दौड़, लंबी कूद, 4 किलोग्राम गोला फेंक (अधिकतम 7.2 मीटर)
  • पुरुष उम्मीदवारों के लिए: 800 मीटर दौड़, लंबी कूद, 7.26 किलोग्राम गोला फेंक (अधिकतम 8.72 मीटर)
    मानक वर्ग और आरक्षित/अनारक्षित के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।

अन्य राज्यों का उदाहरण:
तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार पहले से ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए भर्ती प्रक्रिया में व्यवस्था कर चुके हैं। अब मध्यप्रदेश भी समान अवसर देने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

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