Report: Mukesh Prajapati
Narwar Fort Cannon Theft शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले से एक ऐसी चोरी सामने आई है, जिसने पुलिस और पुरातत्व विभाग को हैरान कर दिया है। राजा नल-दमयंती की प्रेमगाथा और प्राचीन इतिहास के लिए प्रसिद्ध इस किले से करीब साढ़े तीन टन वजनी ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई। दुर्गम पहाड़ियों पर स्थित किले से इतनी भारी तोप का गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
Narwar Fort Cannon Theft 30 से 35 लोगों के गिरोह पर शक, सुनियोजित तरीके से दिया वारदात को अंजाम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस चोरी को किसी एक या दो लोगों ने नहीं बल्कि 30 से 35 लोगों के संगठित गिरोह ने अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि आवाज कम करने के लिए तोप को रजाई और गद्दों से लपेटा गया। इसके बाद रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से उसे किले से नीचे उतारा गया और दूसरे गेट तक पहुंचाकर वाहन में लादकर फरार हो गए।
Narwar Fort Cannon Theft अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह की आशंका, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस को आशंका है कि इस चोरी के पीछे ऐतिहासिक धरोहरों की तस्करी करने वाले किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है। मामले में किले के चौकीदार और कुछ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद किले में रखी अन्य 14 ऐतिहासिक तोपों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित कर दी है और संभावित मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचकर ऐतिहासिक धरोहर को बरामद किया जाएगा।





