MP Pensioners Dearness Relief : बिना छत्तीसगढ़ की सहमति के बढ़ेगा डीआर,एमपी के पेंशनर्स का खत्म हुआ इंतजार
MP Pensioners Dearness Relief : सीएम डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के पेंशनर्स के हितों को लेकर कई कदम उठाए जा रहे हैं….अब सरकार ने पेंशनर्स के लिए एक अहम फैसला लिया है..जिसमें केंद्र सरकार के महंगाई राहत यानि डीआर में बढ़ोतरी होते ही राज्य सरकार उसे बिना छत्तीसगढ़ की मंजूरी का इंतजार किए लागू कर सकेगी….जिससे मध्यप्रदेश के करीब चार लाख पेंशनर्स के लिए लंबे वक्त से चली आ रही एक बड़ी प्रशासनिक बाधा खत्म हो गई है…और इस फैसले से पेंशनर्स को अब बढ़ी हुई महंगाई राहत के लिए महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा..नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है…जिसका सीधा फायदा लाखों रिटायर कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा…

MP Pensioners Dearness Relief : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लिया गया ये फैसला लाखों पेंशनर्स की जिंदगी में एक उजाला लेकर आया है…नई व्यवस्था लागू होने से महंगाई राहत जारी करने की प्रक्रिया तेज होगी और रिटायर कर्मचारियों को वक्त पर बढ़ी हुई राशि का लाभ मिल सकेगा…ये फैसला उन परिवारों के लिए भी राहत देगा…जो केवल पेंशन पर ही आश्रित हैं..दरअसल साल 2000 में मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के बाद छत्तीसगढ़ बनने के वक्त पेंशन से जुड़े कई वित्तीय प्रावधान दोनों राज्यों के बीच साझा व्यवस्था के तहत तय किए गए थे..
MP Pensioners Dearness Relief : उसी व्यवस्था में महंगाई राहत की नई दर लागू करने से पहले दोनों राज्यों की सहमति जरुरी होती थी..अगर किसी एक राज्य की ओर से फैसले में देरी होती थी तो दूसरे राज्य के पेंशनर्स को भी बढ़ी हुई महंगाई राहत मिलने में कई महीने लग जाते थे…दोनों राज्यों के बीच हुए नए प्रशासनिक समझौते के मुताबिक अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ अपनी-अपनी वित्तीय स्थिति और केंद्र सरकार की घोषणा के आधार पर महंगाई राहत लागू कर सकेंगे…

