Report by: MD. Athar Khan
Munger: मुंगेर में लगातार हो रही ई-रिक्शा चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ई-रिक्शा चोरी गिरोह से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक मुख्य चोर और दूसरा चोरी का सामान खरीदने वाला शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ई-रिक्शा, बैट्री और चार्जर भी बरामद किए हैं।
Munger: चोरी की घटना और जांच
एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि 8 मार्च को कासिम बाजार थाना क्षेत्र के निवासी अजय राम की ई-रिक्शा मुंगेर सदर अस्पताल परिसर से चोरी हो गई थी। पीड़ित के आवेदन पर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरबसराय मुर्गियाचक निवासी मो. कल्लू के पुत्र मो. इरशाद उर्फ अरसद टीपू की पहचान हुई।
Munger: गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

देर रात पुलिस ने टीपू को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने ई-रिक्शा चोरी की बात स्वीकार की और चोरी का सामान खरीदने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने पूरबसराय वसीर कॉलोनी निवासी मो. जाकिर खान के घर छापेमारी कर उनके पुत्र मो. इमरान को गिरफ्तार किया।
Munger: बरामद सामान और गिरोह की कार्यप्रणाली
पुलिस ने इमरान के घर से 11 बैट्री, 5 चार्जर और 2 ई-रिक्शा बरामद किए। इसके साथ ही एक चाबी का गुच्छा भी मिला। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने माधोपुर हाई स्कूल के पास और कोर्णाक मोड़ के समीप से दो ई-रिक्शा भी बरामद किए, जिनकी बैट्री निकालकर उन्हें लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था।
मोहम्मद इरशाद इस गिरोह का मुख्य सरगना है और वह पहले भी जेल जा चुका है। वह शहर में घूम-घूमकर ई-रिक्शा चोरी करता था और उसमें लगी बैट्री और चार्जर इमरान को बेच देता था। एक ई-रिक्शा में चार बैट्री होती हैं, जिन्हें वह 9 से 10 हजार रुपये में बेचता था। इसके बाद इमरान इन्हीं बैटरियों को 5 से 7 हजार रुपये प्रति बैट्री के हिसाब से ई-रिक्शा चालकों को बेच देता था।
Munger: पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और अन्य संभावित आरोपी तथा चोरी की हुई ई-रिक्शाओं की शिनाख्त के लिए सीसीटीवी फुटेज और आसपास के इलाकों की जांच कर रही है।
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