Report: Suyash Pandey, Edit By: mohit Jain
Mungeli Paddy Scam: मुंगेली जिले से धान खरीदी व्यवस्था में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि जिले में करीब 8 करोड़ 14 लाख रुपये के धान घोटाले को अंजाम दिया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। यह घोटाला फर्जी वाहनों, ओवरलोडिंग और धान की रिसायक्लिंग के जरिए किया गया।
Mungeli Paddy Scam: राइस मिलर और समिति प्रबंधकों की मिलीभगत उजागर
जांच के दौरान राइस मिलरों और सहकारी समिति प्रबंधकों की आपसी मिलीभगत सामने आई है। दस्तावेजी और भौतिक सत्यापन में 11 लाख क्विंटल से अधिक धान में गड़बड़ी के प्रमाण मिले हैं। आरोप है कि ओवरलोडिंग कर अवैध परिवहन किया गया और एक ही धान को बार-बार उपयोग में दिखाकर सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई।

फर्जी वाहन और ओवरलोडिंग से शासन को नुकसान
जांच में यह भी सामने आया है कि धान परिवहन के लिए फर्जी वाहनों का उपयोग किया गया। कई मामलों में निर्धारित क्षमता से अधिक धान लादकर अवैध परिवहन किया गया, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन हुआ बल्कि शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान भी हुआ।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 4 आरोपी गिरफ्तार
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक
- 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है
- कई आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है
मुंगेली जिले के विभिन्न थानों में इस मामले को लेकर FIR दर्ज की गई है।

Mungeli Paddy Scam: इन समितियों और राइस मिलों पर गिरी गाज
जांच के दायरे में निम्न समितियां और राइस मिलें सामने आई हैं-
- नवागांव घुठेरा समिति – उपलेटा राइस मिल
- सिंघनुपरी केंद्र – SS फूड
- छटन उपार्जन केंद्र – दीपक व नवकार राइस मिल
- झगरहट्टा केंद्र – वर्धमान राइस मिलर्स

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Mungeli Paddy Scam: कलेक्टर और एसपी के निर्देश पर कार्रवाई जारी
कलेक्टर कुंदन कुमार और एसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं और घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच जारी है।





