Bhopal मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’ और इसके मोबाइल ऐप की सराहना करते हुए इसे प्रदेश में सुशासन की आधारशिला बताया है। इस एकीकृत मंच के जरिए अब नागरिकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने या विभिन्न पोर्टल्स पर भटकने की जरूरत नहीं होगी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक 100 प्रतिशत ई-सेवा डिलीवरी सुनिश्चित करना है।
Bhopal एक ही विंडो पर 56 विभागों का संगम
मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म नागरिकों और सरकार के बीच की दूरी को कम कर रहा है।
- विशाल नेटवर्क: इस पोर्टल पर 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाओं और योजनाओं को एकीकृत किया गया है।
- पेपरलेस प्रक्रिया: आधार आधारित प्रमाणीकरण और ई-साइन जैसी सुविधाओं के कारण अब आवेदन की पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और फेसलेस हो गई है।
- समय की बचत: एक बार दस्तावेज अपलोड होने के बाद ‘ऑटो-फेचिंग’ फीचर के जरिए वे अन्य सेवाओं के लिए भी स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं।
Bhopal समग्र पोर्टल के साथ ‘स्मार्ट’ एकीकरण
इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत इसका ‘समग्र’ पोर्टल के साथ जुड़ाव है।
- ऑटो-वेरिफिकेशन: परिवार और सदस्य आईडी के माध्यम से पात्रता का निर्धारण स्वतः हो जाता है, जिससे भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी की गुंजाइश खत्म हो गई है।
- सहज डिजाइन: पोर्टल को ‘मोबाइल-फर्स्ट’ अप्रोच के साथ बनाया गया है। इसमें दिव्यांगजनों की सुविधाओं और बहुभाषीय सपोर्ट का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक भी इसे आसानी से उपयोग कर सकें।
Bhopal डिजिटल गवर्नेंस में मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय उपलब्धियाँ
मध्यप्रदेश अब देश में डिजिटल सेवा वितरण के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
- राष्ट्रीय रैंकिंग: एनईएसडीए (NeSDA) 2025 की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश ने देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
- सम्मान: प्रदेश को ‘सायबर तहसील’ प्रोजेक्ट के लिए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और ‘संपदा 2.0’ के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिल चुका है।
- उपयोग के आंकड़े: अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 2 लाख 14 हजार से अधिक ट्रांसेक्शन दर्ज किए जा चुके हैं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
प्रमुख विशेषताएँ एक नज़र में:
| सुविधा | विवरण |
| आधिकारिक वेबसाइट | eseva.mp.gov.in |
| सेवाओं की संख्या | 1700+ |
| लक्ष्य | 2026 तक 100% ई-सेवा डिलीवरी |
| मुख्य तकनीक | आधार प्रमाणीकरण, ई-साइन, डिजिटल सर्टिफिकेट |
मुख्यमंत्री का संदेश:
“डिजिटल तकनीक आज सुशासन की आधारशिला बन चुकी है। अब नागरिकों के समय और संसाधनों की बचत सुनिश्चित होगी और पूरी प्रणाली अधिक जवाबदेह बनेगी।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
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