BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। हालांकि संबोधन के आधिकारिक विषय की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 के लोकसभा में पास न हो पाने और उसके बाद उत्पन्न राजनीतिक स्थिति पर देश के सामने अपनी बात रखेंगे।

New Delhi 12 साल में पहली बार सदन में सरकार की ‘हार’
मोदी सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब कोई सरकारी विधेयक सदन में आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण गिर गया है।
- बहुमत का गणित: विधेयक पर लोकसभा में 21 घंटे की लंबी चर्चा हुई। वोटिंग के दौरान कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया।
- जरूरत: संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की आवश्यकता थी।
- परिणाम: पक्ष में केवल 298 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 230 वोट। इस तरह यह महत्वपूर्ण बिल महज 54 वोटों से गिर गया।
New Delhi 24 साल बाद संसद में दोहराया गया इतिहास
यह संसदीय इतिहास की एक बड़ी घटना है क्योंकि:

- पोटा (POTA) के बाद पहली बार: साल 2002 के आतंकवाद निवारण बिल (पोटा) के बाद यह पहला सरकारी विधेयक है जिसे संसद में पराजय का सामना करना पड़ा है।
- 1990 के बाद पहला संशोधन बिल: साल 1990 के संविधान (64वें संशोधन) विधेयक के बाद यह लोकसभा में गिरने वाला पहला ‘संविधान संशोधन’ विधेयक बन गया है।
New Delhi महिला आरक्षण पर क्या होगा असर?
विधेयक के गिरने का सीधा असर महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के लागू होने पर पड़ेगा:

- 2029 में नहीं मिलेगा लाभ: अब यह साफ हो गया है कि महिला आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं हो पाएगा। इसका अर्थ है कि 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा।
- 2034 तक टला: वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अब यह आरक्षण 2034 तक खिंच सकता है, क्योंकि इसके लिए परिसीमन की प्रक्रिया अनिवार्य है।
New Delhi परिसीमन और सीटों की संख्या का पेच
सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में सीटें बढ़ाने के लिए तीन बिल पेश किए थे। मुख्य प्रस्ताव लोकसभा की 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने का था।
- कनेक्शन: महिला आरक्षण तभी प्रभावी हो सकता है जब परिसीमन आयोग आबादी के आधार पर सीटों की नई सीमाएं और संख्या तय कर ले।
- वोटिंग से इनकार: सरकार ने ‘परिसीमन संशोधन बिल’ और ‘केंद्र शासित प्रदेश कानून बिल’ पर वोटिंग नहीं कराई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का कहना था कि ये पहले बिल से ही जुड़े हैं, इसलिए अलग से वोटिंग की जरूरत नहीं है।
New Delhi रात 8 बजे के संबोधन और पीएम मोदी का इतिहास
प्रधानमंत्री मोदी अक्सर महत्वपूर्ण और बड़े फैसलों के लिए रात 8 बजे का समय चुनते रहे हैं:
- 8 नवंबर 2016: नोटबंदी की घोषणा।
- 24 मार्च 2020: देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान।
- 12 मई 2020: आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत।
आज क्या उम्मीद है? जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री महिला आरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहरा सकते हैं और बिल गिरने के लिए विपक्ष के रुख को जिम्मेदार ठहराते हुए भविष्य की रणनीति साझा कर सकते हैं।
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