रिपोर्ट: वसीम कुरैशी
Kasganj जनपद के गंजडुंडवारा क्षेत्र में बिजली विभाग की नई स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा है। शनिवार को एटा रोड स्थित बिजली घर पर क्षेत्रीय नागरिकों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है।

Kasganj अंधेरे में जनता: बिना चेतावनी बिजली गुल और बहाली में घंटों का इंतजार
प्रदर्शन में शामिल स्थानीय निवासियों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उपभोक्ताओं ने बताया कि प्रीपेड मीटर होने के कारण बिना किसी पूर्व सूचना या SMS अलर्ट के अचानक बिजली काट दी जाती है। सबसे बड़ी समस्या रिचार्ज के बाद आती है; पैसा जमा करने के बावजूद कनेक्शन बहाल होने में घंटों लग जाते हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की यह अनिश्चितता बुजुर्गों और बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

Kasganj विपक्ष का प्रहार: ‘सहमति के बिना थोपी गई जनविरोधी व्यवस्था’
आंदोलन को समर्थन देने पहुँचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगाते समय उपभोक्ताओं की अनुमति लेना भी जरूरी नहीं समझा गया। उन्होंने इसे ‘जबरन थोपी गई व्यवस्था’ करार दिया। सपा नेता ने मांग की कि जनता को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से सभी प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदलने का आदेश जारी करना चाहिए, ताकि गरीब उपभोक्ताओं का उत्पीड़न रुक सके।

Kasganj बुनियादी ढांचे की कमी: हजारों उपभोक्ताओं के लिए महज एक बिल काउंटर
प्रदर्शन के दौरान बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव राशिद अली ने बताया कि गंजडुंडवारा क्षेत्र में लगभग 40,000 बिजली उपभोक्ता हैं, लेकिन उनके बिल जमा करने के लिए विभाग ने केवल एक काउंटर की व्यवस्था की है। इसके चलते लोगों को चिलचिलाती धूप में घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि बिलिंग काउंटरों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए और प्रीपेड सिस्टम को खत्म कर पोस्टपेड लागू किया जाए, अन्यथा वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।





