MP Budget 2026-27 : सड़क, आवास और रोजगार पर फोकस, पंचायत विभाग को 40 हजार करोड़ से ज्यादा आवंटन
रिपोर्ट- आकाश सेन, स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट
MP Budget 2026-27 : भोपाल, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने राज्य के बजट को सर्वहारा वर्ग और सर्वहितैषी बताया है। राजधानी भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट संतुलित विकास और दूरदर्शी सोच का परिचायक है। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ-साथ श्रम विभाग के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों को मजबूती मिलेगी।
MP Budget 2026-27 : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का बजट 12% बढ़ा
पिछले वर्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का बजट 32,329 करोड़ रुपए था, जिसे इस बार बढ़ाकर 40,062 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इस प्रकार विभागीय बजट में करीब 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने दावा किया कि इससे ग्रामीण सड़कों के विस्तार, अधोसंरचना विकास और पंचायत सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रखा गया है।

MP Budget 2026-27 : सड़क और आवास योजनाओं को बड़ा आवंटन
ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जबकि सड़कों के नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 1,285 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 6,850 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
वहीं विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 10,428 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
स्थानीय निकायों को हजारों करोड़ का अनुदान 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार स्थानीय निकायों को 4,115 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
राज्य वित्त आयोग के तहत मूलभूत सेवाओं के लिए 3,736 करोड़ रुपए, गौण खनिज से प्राप्त राजस्व का पंचायतों को अंतरण 934 करोड़ रुपए और ग्राम पंचायत सचिवालय व्यवस्था के लिए 518 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। पंचायत पदाधिकारियों के मानदेय और सुविधाओं के लिए 265 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
MP Budget 2026-27 : पोषण और सामाजिक कल्याण पर फोकस
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के लिए 1,100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रसोइयों के मानदेय भुगतान के लिए 640 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण आजीविका और कौशल विकास योजनाओं के लिए भी अलग से बजट आवंटित किया गया है।
मंत्री प्रहलाद पटेल के अनुसार यह बजट गांव, गरीब, किसान और श्रमिक वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम है। सरकार का दावा है कि बजट प्रावधानों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय निकायों को अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
MP Budget 2026-27 : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बजट प्रावधान की बड़ी बातें
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का बढ़ा बजट
- पिछले वर्ष का बजट: ₹32,329 करोड़
- इस वर्ष का बजट: ₹40,062 करोड़, करीब 12% की वृद्धि
- ग्रामीण विकास एवं रोजगार
- विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण): ₹10,428 करोड़
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): ₹6,850 करोड़
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: ₹2,000 करोड़
- सड़क नवीनीकरण एवं उन्नयन: ₹1,285 करोड़
- क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण: ₹900 करोड़
- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना: ₹800 करोड़
- मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना: ₹800 करोड़
- स्थानीय निकायों के लिए प्रावधान
- 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार अनुदान: ₹4,115 करोड़
- राज्य वित्त आयोग अंतर्गत मूलभूत सेवाओं हेतु अनुदान: ₹3,736 करोड़
- गौण खनिज राजस्व का पंचायतों को अंतरण: ₹934 करोड़
- ग्राम पंचायत सचिवालय व्यवस्था: ₹518 करोड़
- पंचायत पदाधिकारियों को मानदेय: ₹265 करोड़
- जनपद पंचायत अनुदान: ₹160 करोड़
- जिला पंचायत अनुदान: ₹80 करोड़
- पोषण एवं सामाजिक कल्याण
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण: ₹1,100 करोड़
- रसोइयों को मानदेय भुगतान: ₹640 करोड़
- यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना: ₹700 करोड़
- रेडी-टू-ईट टेक होम राशन: ₹134 करोड़
- किचन कम स्टोर निर्माण: ₹76 करोड़
- आजीविका एवं कौशल विकास
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन: ₹577 करोड़
- मुख्यमंत्री आवास मिशन: ₹330 करोड़
- दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना: ₹135 करोड़
- RSETI: ₹63 करोड़
- महिला स्व सहायता समूह ब्याज अनुदान योजना: ₹60 करोड़
- अन्य प्रमुख योजनाएँ
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण): ₹400 करोड़
- प्रधानमंत्री जनमन योजना (आवास): ₹900 करोड़
- प्रधानमंत्री जनमन योजना (सड़क): ₹603 करोड़
- आकस्मिक पेयजल आपूर्ति: ₹55 करोड़
- मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना: ₹104 करोड़





