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Motivational Dohe : संत कबीर दास जी के दोहे भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी वाणी सरल होते हुए भी गहरी जीवन दर्शन को दर्शाती है। कबीर ने अपने दोहों के माध्यम से प्रेम, विनम्रता, आत्मचिंतन और सच्चे ज्ञान का महत्व समझाया है। आइए, इन प्रसिद्ध दोहों के अर्थ को समझते हैं..

Motivational Dohe :
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय,
ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।
अर्थ: केवल किताबें पढ़ने से कोई विद्वान नहीं बनता। जो व्यक्ति प्रेम और मानवता को समझता है, वही सच्चा ज्ञानी होता है।
Motivational Dohe : ऐसी बानी बोलिये, मन का आपा खोय।
औरन को शीतल करै, आपहु शीतल होय।
अर्थ: हमें हमेशा मधुर और विनम्र भाषा का उपयोग करना चाहिए, जिससे दूसरों को भी शांति मिले और खुद भी सुकून महसूस हो।
Motivational Dohe : गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पाय।
बलिहारी गुरु आपनो, गोविन्द दियो बताय।
अर्थ: जब गुरु और भगवान दोनों सामने हों, तो पहले गुरु को प्रणाम करना चाहिए क्योंकि गुरु ही हमें भगवान का मार्ग दिखाते हैं।
4Motivational Dohe : बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजा आपना, मुझसा बुरा न कोय।
अर्थ: जब हम दूसरों में बुराई खोजते हैं तो कुछ नहीं मिलता, लेकिन जब अपने अंदर झांकते हैं तो अपनी ही कमियां दिखाई देती हैं।
Motivational Dohe : माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर।
कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर।
अर्थ: सिर्फ माला जपने से कुछ नहीं होता, जब तक मन नहीं बदलता। असली बदलाव अंदर से आता है।
Motivational Dohe : साधु भूखा भाव का, धन का भूखा नाहिं।
धन का भूखा जो फिरै, सो तो साधु नाहिं।
अर्थ: सच्चा संत प्रेम और भावना का भूखा होता है, धन का नहीं। जो धन के पीछे भागे, वह संत नहीं हो सकता।
Motivational Dohe : दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय।
जो सुख में सुमिरन करे, दुख काहे को होय।
अर्थ: लोग दुख में भगवान को याद करते हैं, लेकिन सुख में भूल जाते हैं। जो सुख में भी ईश्वर का स्मरण करे, उसे दुख नहीं सताता।
Motivational Dohe : जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान।
मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।
अर्थ: किसी व्यक्ति की जाति नहीं, बल्कि उसके ज्ञान और गुणों को महत्व देना चाहिए।
Motivational Dohe : तिनका कबहुँ न निंदिये, जो पाँयन तर होय।
कबहुँ उड़ आँखिन परे, पीर घनेरी होय।
अर्थ: किसी को छोटा या कमजोर समझकर अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि वही कभी हमें कष्ट दे सकता है।
Motivational Dohe : धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय।
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आये फल होय।
अर्थ: जीवन में धैर्य बहुत जरूरी है। हर काम सही समय पर ही फल देता है, इसलिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
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