,

मऊगंज: दिनदहाड़े उपद्रवियों का तांडव, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

- Advertisement -
Ad imageAd image
Mauganj: Rioters create havoc in broad daylight

जिला अपराधियों के कब्जे में, प्रशासन मौन!

रिपोर्ट: भय मिश्रा, मऊगंज
मऊगंज: यहां दिनदहाड़े सड़कों पर उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। जिले में कानून व्यवस्था की पोल खुल गई है। प्रशासनिक दावे फेल साबित हो रहे हैं, और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। मऊगंज बस स्टैंड पर दिनदहाड़े असामाजिक तत्वों ने सड़क पर जमकर बवाल काटा। डंडे चले, पत्थर बरसे, और लोग दहशत में इधर-उधर भागते नजर आए। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान पुलिस का कोई नामोनिशान नहीं था। सवाल यह उठता है कि जब शहर में फ्लैग मार्च किया गया था, तब ये सुरक्षा व्यवस्था कहां गई। वही”स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय तस्करों और अवैध कारोबारियों से सांठगांठ में लगी हुई है। यही वजह है कि जिले में अपराधियों का बोलबाला है और जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। तो सवाल यही है, क्या प्रशासन अब भी इस घटना को हल्के में लेगा, या फिर कोई ठोस कार्रवाई होगी? क्या मऊगंज में अपराधियों का राज रहेगा, या फिर कानून का डंडा चलेगा? जवाबदेही किसकी होगी?

अपराधियों में कानून और पुलिस प्रशासन का खौफ न होने के हैं प्रमुख कारण :

  1. कानूनी प्रक्रियाओं में देरी – कई मामलों में जांच और सुनवाई में वर्षों लग जाते हैं, जिससे अपराधियों को सजा मिलने में देरी होती है। इससे अपराधियों में यह धारणा बनती है कि वे बच सकते हैं।
  2. भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण – कई बार प्रभावशाली अपराधियों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण मिल जाता है, जिससे वे कानून से बच निकलते हैं।
  3. पुलिस प्रशासन की लापरवाही – कई बार पुलिस की निष्क्रियता, ढीला रवैया या कमजोर जांच के कारण अपराधी निडर हो जाते हैं और अपराध करने से नहीं हिचकिचाते।
  4. सख्त सजा का अभाव – अगर अपराधियों को तुरंत और कठोर सजा मिले, तो अन्य अपराधियों में भय उत्पन्न हो सकता है। लेकिन कमजोर कानून व्यवस्था के कारण यह प्रभावी रूप से नहीं हो पाता।
  5. अपराधियों का बेखौफ नेटवर्क – संगठित अपराध करने वाले गिरोह पुलिस से एक कदम आगे रहने की कोशिश करते हैं और स्थानीय तंत्र से मिलीभगत करके बच निकलते हैं।
  6. सामाजिक और आर्थिक कारण – बेरोजगारी, अशिक्षा और गरीबी जैसी समस्याएं भी अपराध बढ़ाने में योगदान देती हैं, जिससे अपराधियों में पुलिस या कानून का डर खत्म हो जाता है।
  7. जनता का असहयोग – कई बार गवाह डर के कारण बयान देने से पीछे हट जाते हैं या पुलिस को सहयोग नहीं करते, जिससे अपराधी बच जाते हैं और उनका हौसला बढ़ता है।

जब तक कानून का सख्त पालन नहीं होगा और पुलिस प्रशासन प्रभावी तरीके से अपराधियों पर कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक अपराधियों में खौफ पैदा करना मुश्किल रहेगा।

ये भी पढ़िए: कर्नाटक सरकार ने रण्या राव सोना तस्करी मामले की CID जांच वापस ली

- Advertisement -
Ad imageAd image

Asian Women’s Hockey Championship : अक्टूबर-नवम्बर में होगी एशियन महिला हॉकी चैंपियनशिप- सीएम डॉ. यादव

Asian Women's Hockey Championship : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में

Asian Women’s Hockey Championship : अक्टूबर-नवम्बर में होगी एशियन महिला हॉकी चैंपियनशिप- सीएम डॉ. यादव

Asian Women's Hockey Championship : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में

Roshan Kumar Arrested: नवगछिया का 50 हजार का इनामी टॉप-10 अपराधी रोशन कुमार गिरफ्तार

Roshan Kumar Arrested नवगछिया जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल

असम बाढ़ पर छलका टीवी एक्ट्रेस Devoleena Bhattacharjee का दर्द, मां के फंसे होने का किया खुलासा

Devoleena Bhattacharjee: असम में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी

Leopard Attack: गन्ने के खेत में तेंदुए का हमला, महिला की मौत से दहला गांव

रिपोर्टर: शमशेर मलिक Leopard Attack, मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के पीपलसाना

Patwari Protest: वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांग को लेकर पटवारियों का एकदिवसीय धरना, सरकार को सौंपा ज्ञापन

Patwari Protest को लेकर छत्तीसगढ़ के एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिला मुख्यालय में राजस्व

Live: दतिया उपचुनाव: 7 राउंड के बाद कांग्रेस आगे, घनश्याम सिंह ने बनाई बढ़त

सातवें राउंड के बाद कांग्रेस को बढ़त Live मध्य प्रदेश की दतिया