30 अगस्त 2025 को तड़के 4:35 बजे बुध ग्रह का राशि परिवर्तन महाबली बुधादित्य योग का निर्माण करेगा। इस योग के निर्माण के समय सिंह राशि पर सूर्य का विचरण और बुध का प्रवेश इसे विशेष रूप से शक्तिशाली बनाता है।
Contents
महाबली बुधादित्य योग क्या है?
महाबली बुधादित्य योग सूर्य और बुध की युति से बनता है। इसे पंच महायोगों में से प्रमुख माना जाता है। ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के पंडित विनोद गौतम के अनुसार, इस योग का प्रभाव व्यापारिक ग्रह बुध पर पड़ता है और यह व्यापार जगत की समस्याओं को समाप्त करने में सहायक होता है।
व्यापार और आर्थिक लाभ
- व्यापारिक मामलों में नए अवसर खुलेंगे।
- व्यापारिक निर्णय लेने में सहजता और सफलता बढ़ेगी।
- भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावना है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
- इस योग का प्रभाव प्रधानमंत्री की जापान-चीन यात्रा पर विशेष रूप से देखा जाएगा।
- भारत के लिए लाभकारी बैठकें संभव हैं।
- शत्रु देशों की मानसिक स्थिति और रणनीतियों पर असर पड़ेगा, उन्हें टैरिफ और अन्य आर्थिक निर्णयों पर सोचने पर मजबूर करेगा।
ज्योतिषीय विश्लेषण
- केतु की मौजूदगी और राहु की दृष्टि के कारण षड्यंत्रकारी देश प्रयास करेंगे।
- भारत की प्रभाव राशि कुंभ और स्वतंत्र भारत की कुंडली में यह योग विशेष रूप से फलदायक है।
- यह योग 16 सितंबर तक अपनी ऊर्जाएं देगा। 17 सितंबर को कन्या राशि में बुधादित्य योग बनेगा, और यह पूरे सितंबर माह तक रहेगा।


किस राशि के लिए शुभ?
- विशेष लाभ: सिंह, कन्या, कुंभ और मीन राशि के जातकों को मिलेगा।
- सामान्य लाभ: अन्य राशियों के लिए भी फलकारी रहेगा।
महत्वपूर्ण बातें
- वर्ष में 2-3 बार ही महाबली बुधादित्य योग बनता है।
- यह योग व्यापार, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
इस प्रकार, महाबली बुधादित्य योग 2025 न केवल व्यापार और आर्थिक मामलों में बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी शुभ प्रभाव लेकर आ रहा है।