Lucknow उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार की एक बड़ी सौगात दी है। रविवार को मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) एक साल के भीतर रिकॉर्ड 15,000 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा। सीएम योगी के इस एलान के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

Lucknow 9 साल में 9 लाख नौकरियां: सर्वाधिक नियुक्तियों का रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उनके अब तक के 9 साल के कार्यकाल में 9 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत में सर्वाधिक नियुक्तियां करने का रिकॉर्ड कायम किया है, और यह सभी भर्तियां पूरी तरह से सकुशल और पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई हैं।

Lucknow पारदर्शिता के लिए सख्त कानून: उम्रकैद और संपत्ति कुर्की का प्रावधान
भर्ती परीक्षाओं की सुचिता बनाए रखने पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने धांधली रोकने के लिए बेहद कड़ा कानून लागू किया है।
- सख्त सजा: भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
- आर्थिक प्रहार: दोषियों की संपत्ति सीज करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 15 हजार पदों की आगामी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिल सके।
Lucknow विपक्ष पर हमला: ‘बीमारू’ से ‘उभरते’ यूपी का सफर
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले चयन की प्रक्रिया में बेईमानी, भेदभाव और भ्रष्टाचार हावी था, जिसके कारण यूपी ‘बीमारू’ राज्य बन गया था। उन्होंने कहा कि उस समय स्वास्थ्य व्यवस्था से लेकर पूरा तंत्र ही बीमार था और अराजकता का बोलबाला था। हालांकि, अब भ्रष्टाचार मुक्त चयन प्रक्रिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश एक सक्षम राज्य के रूप में उभरा है।





