BY
Yoganand Shrivastava
Lucknow मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी के खिलाफ विवादित और अमर्यादित बयान देने वाले मौलाना के विरुद्ध उत्तर प्रदेश पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में बलरामपुर जिले में मौलाना सलीम के खिलाफ औपचारिक रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। यह कार्रवाई भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर की गई है, जिसके बाद प्रदेश भर में उबाल देखा जा रहा है।
प्रदेशव्यापी आक्रोश: 83 थानों में पहुंची शिकायत
Lucknow मौलाना के इस आपत्तिजनक बयान के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और भाजपा पदाधिकारियों में भारी नाराजगी है। जानकारी के अनुसार, अकेले बलरामपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के 83 अलग-अलग थानों में मौलाना के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी की माता के विरुद्ध इस तरह की भाषाई मर्यादा का उल्लंघन भारतीय समाज और संस्कृति में कतई स्वीकार्य नहीं है।
सड़कों पर उतरे छात्र और अधिवक्ता, पुतला दहन कर जताया विरोध
Lucknow इस विवादित टिप्पणी के विरोध में राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन हुए। लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों और अधिवक्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर इकट्ठा होकर विरोध दर्ज कराया और आरोपी मौलाना का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए। कई संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग तेज
Lucknow मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ बढ़ते गुस्से के बीच, प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार से कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की अपील की है। कई स्थानों पर लोगों ने सांकेतिक रूप से बुलडोजर कार्रवाई और कड़ी सजा की मांग उठाई है। वकीलों और छात्र संगठनों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी के परिवार और विशेषकर माता के सम्मान को ठेस पहुँचाना दंडनीय अपराध है, जिस पर पुलिस को मिसाल पेश करनी चाहिए।





