Iran US Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की आशंका के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े पांच कच्चे तेल के टैंकरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का दावा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये जहाज ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कथित तेल तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थे।
अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई उस घटनाक्रम के बाद की गई, जब IRGC ने लगातार दो दिनों में एक अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, दोनों मिसाइल हमलों को नाकाम कर दिया गया और इस दौरान किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी के घायल होने की खबर नहीं है।
Iran US Conflict: अमेरिकी युद्धपोत को दो बार बनाया गया निशाना
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में ईरानी बलों की ओर से अमेरिकी नौसैनिक पोत पर दो अलग-अलग मिसाइल हमले किए गए। दोनों मौकों पर अमेरिकी युद्धपोत ने मिसाइलों को रोकने में सफलता हासिल की।
CENTCOM forces destroyed five Iranian crude oil carriers, Sept. 8, after the Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) targeted a U.S. Navy warship with ballistic missiles twice over the past two days. The U.S. warship successfully evaded the attempted Iranian attacks and… pic.twitter.com/Gi8a2tloN1
— U.S. Central Command (@CENTCOM) September 8, 2026
CENTCOM का कहना है कि इन हमलों के बावजूद अमेरिकी नौसैनिक अभियान प्रभावित नहीं हुआ और युद्धपोत ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखीं। अमेरिकी सेना ने इस घटनाक्रम को गंभीर सुरक्षा चुनौती के तौर पर देखा और इसके बाद ईरान से जुड़े तेल परिवहन नेटवर्क पर कार्रवाई की।
Iran US Conflict: पांच तेल टैंकरों पर अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि अमेरिकी बलों ने ईरान के कथित तेल तस्करी नेटवर्क से जुड़े पांच जहाजों को निशाना बनाया। इनमें M/T Kaviz, M/T Charminar, M/T Horizon 1 और M/T Riesco शामिल हैं। इन जहाजों पर ओमान की खाड़ी में कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
इसके अलावा M/T Derya नामक टैंकर को ईरान के खार्ग द्वीप के आसपास निशाना बनाए जाने का अमेरिकी सेना ने दावा किया है। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, इन सभी जहाजों को इस तरह कार्रवाई के दायरे में लिया गया कि वे आगे तेल परिवहन या अन्य समुद्री गतिविधियों के लिए इस्तेमाल न किए जा सकें।
Iran US Conflict: कार्रवाई से पहले चालक दल को जहाज खाली करने का आदेश
अमेरिकी सेना के मुताबिक, टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई से पहले वहां मौजूद चालक दल को जहाज खाली करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सैन्य कार्रवाई की गई।
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य जहाजों को परिचालन रूप से निष्क्रिय करना था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमेरिकी कार्रवाई का मुख्य निशाना टैंकर और उनसे जुड़ा कथित नेटवर्क था।
Iran US Conflict: ईरान के ‘शैडो फ्लीट’ पर अमेरिका का आरोप
अमेरिका ने ईरान पर एक बड़े कथित ‘शैडो फ्लीट’ नेटवर्क के जरिए तेल की ढुलाई करने का आरोप लगाया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क में ऐसे जहाजों का इस्तेमाल किया जाता है जिनके जरिए प्रतिबंधों से बचते हुए ईरानी तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है।
CENTCOM का दावा है कि इस कथित नेटवर्क से मिलने वाला तेल राजस्व IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगी समूहों तक पहुंचता है। अमेरिकी सेना ने इसी वजह से इन जहाजों को सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य बनाए जाने की बात कही है।
Iran US Conflict: 5 सितंबर को भी तीन टैंकरों पर हुई थी कार्रवाई
अमेरिका की ओर से ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ यह हालिया कार्रवाई पहली नहीं बताई जा रही है। CENTCOM के अनुसार, इससे पहले 5 सितंबर को भी अमेरिकी बलों ने तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाया था।
उस कार्रवाई को लेकर अमेरिकी सेना ने दावा किया था कि IRGC की ओर से एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, इन हमलों या हमले के प्रयासों को अमेरिकी नौसैनिक बलों ने विफल कर दिया था।
इस तरह कुछ ही दिनों के भीतर ईरान से जुड़े कई तेल जहाज अमेरिकी कार्रवाई के निशाने पर आ चुके हैं। इससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद सैन्य और रणनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका है।
Iran US Conflict: ईरानी मीडिया ने अमेरिकी दावे से अलग जानकारी दी
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट अमेरिकी सेना के दावे से अलग है। ईरानी रिपोर्टों में कहा गया है कि हालिया अमेरिकी हमलों में दो ईरानी तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक जहाज जास्क के पास और दूसरा खार्ग द्वीप के आसपास प्रभावित हुआ। ईरानी पक्ष की रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि दोनों जहाजों पर मौजूद चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और किसी के मारे जाने या घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई।
इससे दोनों देशों की ओर से सामने आ रहे दावों में अंतर साफ दिखाई देता है। अमेरिकी सेना जहां पांच जहाजों को निशाना बनाकर उन्हें परिचालन के लिहाज से निष्क्रिय करने की बात कह रही है, वहीं ईरानी मीडिया ने दो टैंकरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी है।
Iran US Conflict: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के संबंध पहले से बेहद तनावपूर्ण हैं। अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश और उसके बाद तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई से टकराव का दायरा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि ईरान अमेरिकी कार्रवाई का किस तरह जवाब देता है। यदि दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला आगे बढ़ता है, तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रह सकता। खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री व्यापार और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिकी सेना और ईरानी मीडिया की ओर से सामने आए दावों में अंतर है। ऐसे में घटनाक्रम से जुड़ी आगे की आधिकारिक जानकारी इस पूरे मामले की स्थिति को और स्पष्ट कर सकती है।


