AIM Congress 2026: भोपाल/शारजाह, 8 सितंबर। संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित AIM Congress 2026 के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं एक्सपो सेंटर के चेयरमैन अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस से मुलाकात की। बैठक में मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच व्यापारिक एवं आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह के प्रतिनिधिमंडल को अगले वर्ष मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच उद्योग, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर बातचीत हुई।
AIM Congress 2026: शारजाह से व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश लाने की पहल
AIM Congress 2026 के मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारजाह चैंबर के साथ दीर्घकालिक और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने चेयरमैन अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस से उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ मध्यप्रदेश आने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने दोनों क्षेत्रों के उद्योगपतियों और उद्यमियों के बीच सेक्टर आधारित बी2बी बैठकों के लिए ‘मध्यप्रदेश-शारजाह बिजनेस फोरम’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य निवेश के साथ व्यापारिक संपर्कों को बढ़ाना और दोनों क्षेत्रों के कारोबारियों को नए अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने मध्यप्रदेश के एमएसएमई और निर्यातकों को खाड़ी देशों के बड़े खरीदारों एवं वितरकों से जोड़ने में शारजाह चैंबर से सहयोग की अपील की। इसके साथ ही शारजाह की कंपनियों को मध्यप्रदेश के फूड पार्क, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।
फूड प्रोसेसिंग से रिन्यूएबल एनर्जी तक निवेश के अवसर
मध्यप्रदेश सरकार की ओर से शारजाह के निवेशकों के सामने राज्य में उपलब्ध विभिन्न औद्योगिक अवसरों को रखा गया। फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के अलावा पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भी निवेश की संभावनाएं बताई गईं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत और विशाल औद्योगिक लैंड बैंक इसे निवेश के लिए अनुकूल बनाते हैं। राज्य में विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और देश के प्रमुख बाजारों से बेहतर कनेक्टिविटी भी उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण लाभ है।
निवेशकों को सिंगल विंडो और उद्योग-अनुकूल नीतियों का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतियों और त्वरित सिंगल-विंडो व्यवस्था के जरिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रही है। राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर सरकार का विशेष जोर है।
AIM Congress 2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शारजाह का व्यापक व्यापारिक नेटवर्क मध्यप्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकता है। इससे प्रदेश के निर्यात को बढ़ावा मिलने के साथ कौशल विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी हस्तांतरण के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
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शारजाह और भारत के बीच मजबूत आर्थिक संबंध
शारजाह और भारत के बीच पहले से ही मजबूत कारोबारी संबंध हैं। दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी और भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) ने व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।
शारजाह चैंबर की ओर से भारत में मुंबई सहित विभिन्न स्थानों पर ट्रेड मिशन और बिजनेस फोरम आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, ज्वेलरी, एसएमई, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, फूड इंडस्ट्री, टूरिज्म और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्र शामिल रहे हैं।
कौन हैं अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस?
अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस मई 2014 से शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और एक्सपो सेंटर शारजाह के चेयरमैन हैं। इसके साथ ही वे यूएई फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन भी हैं।
उन्हें सरकार, उद्योग, बैंकिंग, खाद्य उत्पादन, शिक्षा, कृषि और द्विपक्षीय कारोबारी संस्थाओं में नेतृत्व का व्यापक अनुभव है। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस की मुलाकात को मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच संभावित निवेश एवं व्यापारिक साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
AIM Congress 2026 में मध्यप्रदेश की ओर से निवेश के जिन क्षेत्रों को प्रमुखता से सामने रखा गया, उनमें फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन शामिल हैं। अब GIS-2027 में शारजाह के प्रतिनिधिमंडल की संभावित भागीदारी से इस आर्थिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने की उम्मीद है।


