Mahasamund Police Action: महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में आरोपी मनीष अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके ठिकानों पर दबिश देकर महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस की कार्रवाई में आरोपी के घर से 81 लाख रुपये की नगदी बरामद हुई है।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई पिथौरा थाना क्षेत्र में दर्ज मामले की जांच के दौरान की गई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित मकान में सर्च वारंट के आधार पर दबिश दी।
Mahasamund Police Action: घर की तलाशी में मिली 81 लाख रुपये की नगदी
Mahasamund Police Action के तहत पुलिस टीम ने आरोपी के मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को एक थैला मिला, जिसमें 500-500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां रखी हुई थीं।
पुलिस ने नोटों की गिनती कराई तो कुल 16,200 नोट मिले। इनकी कुल कीमत 81 लाख रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नगदी बरामद होने के बाद पुलिस ने इसे मामले की जांच से जोड़कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि बरामद नगदी के संबंध में भी जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम का स्रोत क्या है तथा इसका संबंध अवैध कारोबार से किस तरह जुड़ा हुआ है।
Mahasamund Police Action: 23,350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन का मामला
यह पूरा मामला 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार लकड़ी के परिवहन के लिए नेशनल ट्रांजिट पास सिस्टम में फर्जीवाड़ा कर एनओसी तैयार करने और उसका इस्तेमाल करने के आरोप हैं।
जांच में पुलिस फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनका उपयोग करने और धोखाधड़ी से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दस्तावेजों और लकड़ी के परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए हैं।
Mahasamund Police Action: BNS, वन अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत जांच
पुलिस के अनुसार मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय वन अधिनियम और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाल रही है।
Mahasamund Police Action के तहत हुई इस कार्रवाई में अब जांच का फोकस अवैध खैर लकड़ी के परिवहन के साथ-साथ कथित फर्जी एनओसी तैयार करने वाले नेटवर्क पर भी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
Mahasamund Police Action: 81 लाख रुपये को अपराध से अर्जित संपत्ति मानकर कुर्की की तैयारी
पुलिस ने बरामद 81 लाख रुपये की नगदी को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए कुर्की की कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है।
अब न्यायालय की प्रक्रिया के बाद नगदी को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बरामद रकम के स्रोत और मामले से उसके संबंध की भी जांच कर रही है।
Mahasamund Police Action: फर्जी दस्तावेजों के जरिए खैर लकड़ी के कारोबार पर उठे सवाल
खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और कथित फर्जी एनओसी मामले में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध वनोपज कारोबार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बड़ी मात्रा में खैर लकड़ी के परिवहन के लिए दस्तावेजों में कथित हेरफेर और आरोपी के घर से 81 लाख रुपये की बरामदगी ने जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
फिलहाल महासमुंद पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस की आगे की कार्रवाई में अवैध परिवहन, फर्जी दस्तावेज और बरामद नगदी के बीच संबंध को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।


