Heart Attack During Workout : जिम जाना और नियमित एक्सरसाइज करना दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसके बावजूद कई बार वर्कआउट के दौरान किसी व्यक्ति के अचानक गिरने या हार्ट अटैक की खबर सामने आती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम में एक्सरसाइज करते समय हार्ट अटैक क्यों आता है और किन लोगों को इसका ज्यादा खतरा हो सकता है?विशेषज्ञों के मुताबिक, सामान्य तौर पर एक्सरसाइज खुद हार्ट अटैक का कारण नहीं होती। नियमित शारीरिक गतिविधि लंबे समय में हृदय रोगों के खतरे को कम करती है। हालांकि, जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी, कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज या अन्य जोखिम कारक मौजूद हैं, उनमें अचानक बहुत ज्यादा या तेज एक्सरसाइज गंभीर हृदय संबंधी समस्या को ट्रिगर कर सकती है।
Heart Attack During Workout : अचानक ज्यादा एक्सरसाइज पड़ सकती है भारी
वर्कआउट के दौरान दिल की धड़कन तेज हो जाती है और शरीर को अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है। अगर किसी व्यक्ति की हृदय की नसों में पहले से प्लाक जमा है और उसे इसकी जानकारी नहीं है, तो अचानक बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत कुछ परिस्थितियों में प्लाक के टूटने और खून का थक्का बनने का कारण बन सकती है।इससे दिल की नस में रक्त का प्रवाह अचानक रुक सकता है और हार्ट अटैक हो सकता है। खास तौर पर जो लोग लंबे समय से शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं और अचानक भारी वजन उठाने या बहुत तेज एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
Heart Attack During Workout : हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक नहीं
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समझना सही नहीं है। हार्ट अटैक में दिल की किसी नस में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। वहीं कार्डियक अरेस्ट में दिल की विद्युत गतिविधि अचानक बिगड़ने के कारण दिल प्रभावी तरीके से रक्त पंप करना बंद कर देता है।जिम में हार्ट अटैक के दौरान व्यक्ति होश में रह सकता है और उसे सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, पसीना और मितली जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। दूसरी ओर, कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर सकता है और सामान्य रूप से सांस लेना बंद कर सकता है। हालांकि, हार्ट अटैक कुछ मामलों में कार्डियक अरेस्ट का कारण भी बन सकता है।
Heart Attack During Workout : फिट और मस्कुलर दिखने वालों को भी हो सकता है खतरा
सिर्फ शरीर से फिट या मस्कुलर दिखना इस बात की गारंटी नहीं है कि दिल पूरी तरह स्वस्थ है। कम उम्र के लोगों में भी कुछ जन्मजात या आनुवंशिक हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें बहुत अधिक मेहनत के दौरान गंभीर समस्या का खतरा बढ़ सकता है।वहीं उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, मोटापा, शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहना और परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास जोखिम बढ़ा सकता है।
Heart Attack During Workout : जिम में इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
जिम में हार्ट अटैक के संकेतों को केवल थकान समझकर एक्सरसाइज जारी रखना खतरनाक हो सकता है। वर्कआउट के दौरान अगर इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत एक्सरसाइज रोक दें:
- सीने में दर्द, दबाव, भारीपन या जकड़न
- दर्द का हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक पहुंचना
- अचानक या असामान्य रूप से सांस फूलना
- चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
- ठंडा पसीना आना
- मितली या उल्टी होना
- दिल की धड़कन बहुत तेज या अनियमित महसूस होना
इन लक्षणों को नजरअंदाज करके एक्सरसाइज जारी रखना सही नहीं है। गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
Heart Attack During Workout : क्या जिम शुरू करने से पहले हार्ट टेस्ट जरूरी है?
हर स्वस्थ व्यक्ति को जिम शुरू करने से पहले हर तरह की हृदय जांच कराने की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग है, परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक का इतिहास रहा है, एक्सरसाइज के दौरान सीने में दर्द या असामान्य सांस फूलती है, बार-बार चक्कर या बेहोशी होती है या हृदय रोग के कई जोखिम कारक मौजूद हैं, तो वर्कआउट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।डॉक्टर उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, मेडिकल इतिहास और जोखिम कारकों के आधार पर यह तय कर सकते हैं कि किसी जांच या विशेष सावधानी की आवश्यकता है या नहीं।
Heart Attack During Workout : जिम से डरने की नहीं, समझदारी से एक्सरसाइज करने की जरूरत
सोशल मीडिया पर जिम में किसी व्यक्ति के अचानक गिरने का वीडियो देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि जिम करने से हार्ट अटैक होता है। ज्यादातर लोगों के लिए नियमित और उचित शारीरिक गतिविधि दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होती है।जिम में हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे एक्सरसाइज शुरू करें। अचानक बहुत ज्यादा वजन उठाने या एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ाने से बचें। वर्कआउट से पहले वार्म-अप करें और शरीर द्वारा दिए जा रहे असामान्य संकेतों को नजरअंदाज न करें।अगर एक्सरसाइज के दौरान सीने में तेज दर्द, गंभीर सांस लेने में परेशानी, बेहोशी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत वर्कआउट रोकें और आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
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