Indore Clean Air Survey : देश के सबसे स्वच्छ शहर के तौर पर पहचान बना चुके इंदौर ने अब स्वच्छ वायु के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। Indore Clean Air Survey में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर ने देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। इस बार लखनऊ ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि इंदौर दूसरे पायदान पर रहा।
पिछले साल स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इंदौर ने देश में पहला स्थान हासिल किया था। इस बार रैंकिंग में एक पायदान नीचे आने के बावजूद शहर ने अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी है। वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों को इस उपलब्धि की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

Indore Clean Air Survey में इंदौर ने बनाई टॉप-2 में जगह
Indore Clean Air Survey के तहत शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों का मूल्यांकन किया जाता है। इंदौर ने इस दिशा में कई स्तरों पर काम किया है। शहर में धूल नियंत्रण, सड़कों की नियमित सफाई, रोड स्वीपिंग और कचरा प्रबंधन जैसे उपायों पर विशेष जोर दिया गया है।
शहर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों और सड़कों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके अलावा निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल और सड़क किनारे जमा होने वाली मिट्टी को नियंत्रित करने के प्रयास भी किए गए हैं।
Indore Clean Air Survey में धूल नियंत्रण बना अहम पहलू
इंदौर की बेहतर रैंकिंग में धूल नियंत्रण की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। शहर की सड़कों पर नियमित रोड स्वीपिंग के साथ सफाई व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सड़क किनारे धूल जमा न हो और हवा में धूल के कण कम से कम रहें, इसके लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
इसके साथ ही वेस्ट मैनेजमेंट को भी शहर की स्वच्छता और वायु गुणवत्ता सुधार की रणनीति से जोड़ा गया है। कचरे के बेहतर प्रबंधन और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं।
Indore Clean Air Survey : बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट से प्रदूषण कम करने की कोशिश
शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी अहम माना गया है। वाहनों से निकलने वाले धुएं और अनावश्यक ट्रैफिक जाम की स्थिति को कम करने के लिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
इंदौर में बढ़ते वाहनों के बीच प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ई-मोबिलिटी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयास शहर को कम प्रदूषण वाले परिवहन की ओर ले जाने में मदद कर रहे हैं।
Indore Clean Air Survey : हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी दिया जा रहा जोर
वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए इंदौर में हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। शहर में पौधरोपण और हरियाली को बढ़ावा देने के साथ मौजूदा ग्रीन एरिया के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
हरित क्षेत्र बढ़ने से शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। यही वजह है कि वायु गुणवत्ता सुधार की योजनाओं में ग्रीन स्पेस को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
Indore Clean Air Survey : महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जताई खुशी
इंदौर की इस उपलब्धि पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि शहर को फिर से स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नंबर वन बनाने के लिए प्रयासों को और तेज किया जाएगा।
महापौर के मुताबिक, इंदौर की पहचान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शहर को स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण के मामले में भी देश के अग्रणी शहरों में शामिल करना लक्ष्य है।
Indore Clean Air Survey : अगले सर्वेक्षण में नंबर वन बनने की तैयारी
पिछले सर्वेक्षण में देश में पहला स्थान हासिल करने के बाद इस बार इंदौर दूसरे स्थान पर रहा है। ऐसे में अब शहर का लक्ष्य अगले सर्वेक्षण में फिर से नंबर वन की पोजीशन हासिल करना है।
वायु गुणवत्ता सुधार, धूल नियंत्रण, रोड स्वीपिंग, बेहतर कचरा प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था, हरित क्षेत्र और ई-मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में प्रयासों को आगे बढ़ाकर इंदौर अपनी रैंकिंग सुधारने की तैयारी में है। स्वच्छता के साथ स्वच्छ हवा के क्षेत्र में भी इंदौर की यह उपलब्धि शहर के लिए एक और महत्वपूर्ण पहचान के रूप में सामने आई है।


