India Bangladesh Relations: बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के कुछ दिनों बाद भारत अपने पड़ोसी देश में सभी वीजा सेवाओं को बहाल करने की तैयारी कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच संबंध सुधार की उम्मीदें तेज हो गई हैं।
India Bangladesh Relations: वीजा सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने के प्रयास
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के सिलहट जिले में भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने कहा कि सभी वीजा सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं और यात्रा वीजा समेत अन्य श्रेणियों को भी जल्द शुरू करने के कदम उठाए जा रहे हैं।
India Bangladesh Relations: आपसी सम्मान और गौरव पर आधारित संबंध
सिलहट में भारतीय सहायक उच्चायुक्त ने वीजा सुविधा प्रदान करके द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश के संबंध आपसी सम्मान और गौरव की नींव पर टिके हैं।
India Bangladesh Relations: स्थिर और साझा दृष्टिकोण से होगा सहयोग
दास ने कहा कि दोनों देशों के लोग स्थिर, सकारात्मक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों में प्रमुख हितधारक होंगे। उन्होंने बताया कि भारत और बांग्लादेश की सोच एक जैसी है और दोनों मिलकर काम करना चाहते हैं।
India Bangladesh Relations: पुराने विवाद और वीजा सेवाओं का निलंबन

पूर्व में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद दोनों देशों के बीच संबंध खराब होने के कारण भारतीय वीजा केंद्रों ने अपने परिचालन को निलंबित कर दिया था। उस समय बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शन भी हुए थे।
India Bangladesh Relations: शेख हसीना के विरोध और भारत से पलायन
जुलाई 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी और वे भारत भाग गई थीं। इस कारण दोनों देशों के संबंध पहले ही तनावपूर्ण थे।
India Bangladesh Relations: पीएम मोदी ने तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को उनके परिवार सहित भारत आने का आमंत्रण दिया। मोदी ने कहा कि वह बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए बीएनपी नेता के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।
India Bangladesh Relations: साझा इतिहास और विकासात्मक प्राथमिकताओं पर आधारित मित्रता
पीएम मोदी ने पत्र में कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच साझा इतिहास, सांस्कृतिक संबंध और लोगों की शांति व समृद्धि की आकांक्षाओं पर आधारित गहरी मित्रता है। उन्होंने लिखा कि विकासात्मक प्राथमिकताओं में सामंजस्य भविष्य के सहयोग के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में काम करेगा।





