बरमसिया रेलवे यार्ड में कीचड़ से नारकीय हालात

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Hellish conditions due to mud in Barmasia railway yard

रिपोर्ट- कन्हैया कुमार

मजदूर और ट्रांसपोर्टर ने अनाज उतारने से किया इंकार

धनबाद। बरमसिया रेलवे यार्ड की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। भारी बारिश के चलते रैक साइडिंग में कीचड़ और जल जमाव ने स्थिति को नारकीय बना दिया है। मजदूर कीचड़ में उतरकर भारतीय खाद्य निगम (FCI) का अनाज उतारने से इनकार कर रहे हैं, वहीं ट्रांसपोर्टर भी ट्रकों को यार्ड में ले जाने से कतरा रहे हैं। नतीजतन ठेकेदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रतिदिन हजारों बोरी अनाज प्रभावित

बरमसिया रेलवे यार्ड में रोजाना FCI की ओर से हजारों बोरियां अनाज आती हैं। लेकिन इस बारिश में काम पूरी तरह बाधित हो गया है।

ठेकेदार श्याम मोहन सिंह ने बताया कि:

  • आरएच डीएचएन पर स्थित साइडिंग प्लेटफॉर्म की स्थिति अत्यंत जर्जर है।
  • क्षतिग्रस्त फर्श और जलभराव के कारण लोडिंग-अनलोडिंग का काम बाधित हो रहा है।
  • मजदूरों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

गिन्नौर से आई 42 वैगनों की रेक

शनिवार को गिन्नौर से भेजी गई नॉन-FRK चावल की 42 वैगनों की रेक आरएच डीएचएन रेलहेड पर लगाई गई।

  • 16 खाली वैगन पक्की साइड में खड़े किए गए।
  • जबकि लगभग 26 लदी हुई वैगनें कीचड़ से भरी कच्ची साइड में खड़ी कर दी गईं।
  • नतीजतन ट्रक कीचड़ में धंस गए और घंटों तक काम ठप रहा।
  • रेक तय फ्री टाइम में रिलीज नहीं हो पाई, जिससे डेमरेज शुल्क में इजाफा हो गया।

मजदूर और ट्रांसपोर्टर की मजबूरी

  • ट्रांसपोर्टर जय प्रकाश ने बताया कि कीचड़ में ट्रक ले जाना असंभव हो गया है।
  • मजदूर इंद्रदेव यादव ने कहा कि कीचड़ में उतरकर काम करना बेहद खतरनाक है और जान जोखिम में डालने जैसा है।
  • FCI इंचार्ज भारद्वाज ने माना कि समस्या गंभीर है और इसे लेकर उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया जा चुका है।

समस्या बनी गंभीर चुनौती

पिछले दो-तीन महीने से यार्ड की यही स्थिति बनी हुई है। अब तो मजदूर और ट्रांसपोर्टर दोनों ने साफ कर दिया है कि जब तक प्लेटफॉर्म का पक्कीकरण नहीं होता, तब तक वे अनाज उतारने का काम नहीं करेंगे।

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