रिपोर्ट- अंकुर कपूर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की 59 वर्षों की विकास यात्रा इस बात की गवाही देती है कि हरियाणा ने सम्पन्नता और खुशहाली तक का लंबा सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा समृद्धि की एक नई परिभाषा लिख रहा है। उन्होने कहा कि प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में हम हरियाणा को इनोवेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और इन्क्लूसिव ग्रोथ की तरफ ले जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है हरियाणा का संतुलित विकास। चाहे वह शहर हो या गांव, गरीब हो या अमीर, हर किसी को विकास का लाभ मिले।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को यवनिका गार्डन, सेक्टर-5 में 60वें हरियाणा दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव एवं प्रदर्शनी के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होने कहा कि तीन दिनों तक चले इस उत्सव में हमने अपने राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और विकास यात्रा को न केवल देखा, बल्कि महसूस भी किया। हमारे कलाकारों ने लोक गीतों और नृत्यों के माध्यम से हरियाणा की जीवंत परंपराओं को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सम्मानित होने वाले कलाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह तीन दिवसीय आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। यह हरियाणा की आत्मा का उत्सव है। विद्यार्थियों ने नवाचार और तकनीकी प्रदर्शनियों के जरिए राज्य के भविष्य की झलक दिखाई। इन सबने इस उत्सव को जन-जन का उत्सव बना दिया और हमारी संस्कृति और लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत कर दिया और इस उत्सव को यादगार बना दिया। उन्होने कहा कि इस बार का नवंबर उत्सवों का माह बन गया है। पिछले तीन दिन पूरे प्रदेश में हरियाणा दिवस की धूम रही है। दो दिन बाद ही 5 नवंबर को प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व है। इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव भी 15 नवंबर से शुरू हो रहा है और 5 दिसंबर तक चलेगा। 21 दिन तक चलने वाले इस उत्सव में संस्कृति, ज्ञान और आध्यात्मिकता का अलग ही संगम देखने को मिलेगा। मैं इन सब पर्वो की आप सबको अग्रिम रूप से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी माह हिंद की चादर नवम पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष में प्रदेशभर में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 25 नवंबर को उनके शहीदी दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन कुरुक्षेत्र में होगा। नवंबर माह हमारे लिए आध्यात्मिकता की तरंगों में सराबोर होने का समय है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के क्षेत्रफल का मात्र 1.34 प्रतिशत और जनसंख्या का 2.09 प्रतिशत है। लेकिन आज देश की जी.डी.पी. में प्रदेश का योगदान 3.6 प्रतिशत है। हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय बड़े राज्यों में सर्वाधिक, लगभग 3 लाख 53 हजार रुपये है, जबकि 1966 में यह मात्र 343 रुपये थी। उस समय प्रदेश का निर्यात मात्र 4 करोड़ 50 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपये को पार कर गया है। प्रति व्यक्ति जी.एस.टी. संग्रहण में भी हम बड़े राज्यों में अग्रणी हैं। विश्व की 250 फॉर्च्यून-500 कंपनियों के कार्यालय हरियाणा में स्थित हैं। उन्होने कहा कि हरियाणा पहला राज्य है, जहां 24 फसलों की खरीद एम.एस.पी. पर की जाती है। गन्ने का भाव सर्वाधिक 415 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी प्रकार हमने सर्वाधिक सामाजिक पेंशन 3 हजार 200 रुपये मासिक की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के आभारी हैं, जिनकी प्रतिभा और परिश्रम से हरियाणा आज खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी है। वर्ष 1966 में खाद्यान्न उत्पादन लगभग 26 लाख टन था, जो अब 206 लाख टन हो गया है। पशुपालन की बात करें तो हरियाणा अपनी मुर्रा भैंसों और साहीवाल गायों से दूध-दही की नदियां बहाने वाला प्रदेश है। वर्ष 1966 में प्रदेश में सड़क, बिजली और पानी के साधन नाममात्र थे। वहां अब हर गांव पक्की सड़क से जुड़ा हुआ है। अब गांव व ढाणी भी बिजली की रोशनी से जगमगा रहे हैं, राज्य के हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। सिंचाई के लिए पर्याप्त नहरें व अन्य साधन उपलब्ध हैं।





