Mohit Jain
ग्वालियर में बुधवार की सुबह सर्दियों की पहली झलक कोहरे के रूप में नजर आई। सूरज की पहली किरण से पहले ही पूरा शहर कोहरे की चादर में ढका हुआ था। ठंडी हवाओं और पहाड़ तक उड़ते कोहरे के बीच झांसी रोड से आती ट्रेन धुंध को चीरते हुए ग्वालियर स्टेशन की ओर बढ़ रही थी।

दृश्यता सुबह 7 बजे लगभग 500 मीटर तक सीमित रह गई, जबकि मौसम कार्यालय परिसर में 4 हजार मीटर दर्ज की गई। बादलों की मौजूदगी के कारण रात का तापमान 3.5 डिग्री बढ़कर 20.1 डिग्री और दिन में धूप खिलने पर पारा 2.1 डिग्री बढ़कर 31.5 डिग्री पर पहुंचा।
मौसम विशेषज्ञ एचएस पांडेय के अनुसार सर्दियों की सुबह दिखने वाली सफेद परत कभी कोहरा और कभी धुंध होती है। कोहरा घना होता है और दृश्यता 1 किलोमीटर से कम होती है, जबकि धुंध हल्की होती है और दृश्यता 1 किलोमीटर से अधिक रहती है।
इस बीच, बद्रीनाथ धाम में बुधवार तड़के 3 बजे बर्फबारी शुरू हुई, जो 4 से 5 घंटे तक जारी रही। मंदिर के चारों ओर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों ने बर्फीली सर्दी का अनुभव किया।





