गुरु रविदास जयंती 2025: संत रविदास के जीवन और शिक्षाओं का उत्सव
तारीख: 12 फरवरी 2025 | समय: 07:38 AM IST
12 फरवरी 2025 को देशभर में गुरु रविदास जयंती मनाई जा रही है, जो कि संत रविदास के 648वीं जयंती के अवसर पर है। संत रविदास, जिन्हें गुरु रविदास, संत रविदास और भगत रविदास जैसे नामों से भी जाना जाता है, भक्ति आंदोलन के महान संत, कवि और दार्शनिक थे। उनके द्वारा दी गई समानता, मानवाधिकार, और आध्यात्मिकता की शिक्षा आज भी लाखों लोगों के दिलों में बसी हुई है। आइए, हम उनके कुछ प्रसिद्ध और प्रेरणादायक अनमोल वचन पढ़ें, जो जीवन को एक नई दिशा देने का काम करते हैं।
गुरु रविदास: समानता और आध्यात्मिकता का प्रतीक
संत रविदास भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत थे। वे यह मानते थे कि भगवान की भक्ति और सद्गुणों का पालन करने में जाति, धर्म, और सामाजिक भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। उनका यह संदेश आज भी हमारे समाज को प्रेरित करता है। उनके शिक्षाएँ हमें यह सिखाती हैं कि प्रेम, सच्चाई और मानवता के मार्ग पर चलकर ही हम सच्चे सुख और शांति प्राप्त कर सकते हैं।

रविदास जी ने अपने गीतों और भजनों के माध्यम से हमें यह बताया कि हर व्यक्ति भगवान के समक्ष समान है और हमें किसी भी प्रकार के घमंड और भेदभाव से दूर रहना चाहिए।
गुरु रविदास के कुछ प्रेरणादायक वचन
यहां गुरु रविदास के अनमोल वचन दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप इस दिन अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा कर सकते हैं:
- “हमेशा कर्म में लगे रहना चाहिए और फल की आशा नहीं छोड़नी चाहिए, क्योंकि कर्म हमारा धर्म है, और फल हमारा सौभाग्य है।”
- “जहां प्रेम नहीं, वहां नरक है; जहां प्रेम है, वहां स्वर्ग है।”
- “मन शुद्ध हो तो हर जगह पवित्रता है।”
- “यदि आपमें थोड़ा सा भी अभिमान नहीं है तो आपका जीवन सफल रहता है, ठीक वैसे ही जैसे एक हाथी शक्कर के दोनों को बिन नहीं सकता, लेकिन एक चींटी आसानी से शक्कर के दाने बिन लेती है।”
- “माता-पिता और गुरु तीनों देवताओं के समान हैं, इनकी सेवा करो और ईश्वर का भजन करो।”
- “प्रेम ही सब कुछ है, प्रेम ही ईश्वर है।”
- “यह संसार असत्य है, केवल ईश्वर ही सत्य है।”
- “अगर अच्छा नहीं कर सकते, तो कम से कम दूसरों को नुकसान न पहुंचाएं। अगर फूल नहीं बन सकते हैं, तो कम से कम कांटे न बनें।”
गुरु रविदास: मानवता के शिक्षक
संत रविदास के उपदेश केवल धार्मिक नहीं थे, बल्कि वे हमें सामाजिक और नैतिक जीवन की दिशा भी दिखाते थे। उन्होंने हमें यह सिखाया कि सेवा और प्रेम से ही हम अपने जीवन को सही दिशा में ले जा सकते हैं। उनके सिद्धांतों का पालन करके हम एक बेहतर और समान समाज की स्थापना कर सकते हैं।
गुरु रविदास जयंती पर शुभकामनाएं
गुरु रविदास जयंती 2025 के अवसर पर कुछ बेहतरीन शुभकामनाएं और वचन:
- “ऐसा चाहूं राज मैं जहां सभी को भोजन मिले, सब लोग समान रहें और खुश रहें।”
- “मन चंगा तो कठौती में गंगा, संत परंपरा के महान योगी, परम ज्ञानी संत श्री रविदास जी, आपको कोटि-कोटि नमन।”
- “भला किसी का नहीं कर सकते, तो बुरा किसी का मत करना। फूल जो नहीं बन सकते तुम, तो कांटा बनकर भी मत रहना।”
गुरु रविदास की विरासत का उत्सव
गुरु रविदास जयंती केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक अवसर है उनके जीवन और शिक्षाओं पर विचार करने का। संत रविदास ने हमें मानवता, समानता और ईश्वर के प्रति सच्चे प्रेम का मार्ग बताया। उनके अनमोल वचन आज भी हमें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
इस शुभ दिन पर, हम सभी उनके शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें और उनके मार्गदर्शन से एक बेहतर समाज की दिशा में कदम बढ़ाएं।
निष्कर्ष:
गुरु रविदास जयंती 2025 पर हम सभी उनके उपदेशों को अपनाएं और उनका अनुसरण करें। उनके अनमोल वचन न केवल आध्यात्मिक जीवन को बेहतर बनाते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, शांति और समानता को भी बढ़ावा देते हैं।
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