Report by: Arun kumar
Gorakhpur : भारतीय सभ्यता और सनातन संस्कृति में गोमाता को विशेष स्थान प्राप्त है। इसे केवल पशु सेवा नहीं, बल्कि प्रकृति, मानवता और पोषण के संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को लेकर आज प्रातः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Gorakhnath Temple परिसर स्थित गोशाला का दौरा किया और ‘भोले’ नंदी महाराज से स्नेह व्यक्त किया।
Gorakhpur : गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा

सीएम योगी ने गोशाला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गौसंवर्धन और गोसंरक्षण केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गोसेवा से आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जैविक कृषि को भी सशक्त बनाया जा सकता है।
Gorakhpur : गोरक्षपीठाधीश्वर का निरीक्षण
गोरक्षपीठाधीश्वर ने गोशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सेवा में लगे कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि गोसेवा समाज में नैतिकता और सहानुभूति का संदेश फैलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
Gorakhpur : श्रद्धालुओं ने लिया संकल्प
मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौसेवा के इस संदेश को अपनाने और इसे अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, सेवा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का भाव साफ दिखाई दिया।





