प्रसिद्ध संत सियाराम बाबा का निधन सुबह 6.10 पर हो गया है। बताया जा रहा है कि सियाराम बाबा काफी समय से बीमार चल रहे थे। संत सियाराम बाबा का जन्म 1933 में गुजरात के भावनगर में हुआ था। 17 वर्ष की आयु से ही सियाराम बाबा धार्मिक पथ पर चल निकले थे। उनका अंतिम संस्कार शाम 4 बजे भट्यान तट पर किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में सीएम मोहन सिंह यादव भी मौजूद रहेंगे।
10 दिनों से थे बीमार
बता दें कि संत सियाराम बाबा पिछले 10 दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें निमोनिया की शिकायत थी जिसके बाद उनको सनावद के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाबा की इच्छा पर उनका इलाज आश्रम में डॉक्टरों ने किया।
लंगोट से थी बाबा की पहचान
संत सियाराम बाबा के बारे में कहा जाता है कि चाहे कड़ाके की सर्दी हो या बारिश बाबा हमेशा लंगोट में ही रहते थे। बताया जाता है कि ध्यान के बल पर उन्होंने अपना शरीर मौसम के अनुकूल बना लिया था। वहीं खास बात यह भी कि बाबा अपना सारा काम खुद ही करते थे। इसके साथ ही बाबा दान में सिर्फ 10 रूपए ही लेते थे। नर्मदा नदी की घाट के मरम्मत के लिए उन्होंने 2 करोड़ 57 लाख रूपए दान किए है।





