Iran US Tension: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि अमेरिका ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है। ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि जलडमरूमध्य अब भी उसके प्रबंधन और नियंत्रण में है।
ईरानी अधिकारियों के बयानों से संकेत मिल रहा है कि हॉर्मुज से जुड़े प्रतिबंधों और जहाजों की आवाजाही को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव आगे भी जारी रह सकता है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।
Iran US Tension: ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े बासिज बल के प्रमुख हुसैन ताएब ने ईरानी सरकारी टेलीविजन से बातचीत में अमेरिकी दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी ईरान के प्रबंधन और नियंत्रण में है।
ताएब के मुताबिक, ईरान अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और मौजूदा परिस्थितियों में देश अपने हितों के अनुसार आगे बढ़ रहा है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब हॉर्मुज को लेकर अमेरिका की ओर से लगातार सख्त दावे किए जा रहे हैं।
Iran US Tension: अराघची ने अमेरिकी दावे पर उठाए सवाल
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अमेरिका की खुफिया और रणनीतिक आकलन क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वॉशिंगटन पहले भी कई मौकों पर गलत आकलन कर चुका है।
अराघची ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और हॉर्मुज को लेकर अमेरिकी रुख को भी इसी तरह की गलत समझ का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि ईरान की स्थिति और उसकी क्षमताओं को लेकर अमेरिका का आकलन वास्तविक परिस्थितियों से अलग हो सकता है।
Iran US Tension: ईरान ने कुछ जहाजों पर पाबंदी की बात कही
ईरानी सांसदों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य बेहनाम सईदी ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सईदी ने कहा कि ईरान का यह रुख मौजूदा परिस्थितियों में लागू रहेगा। उन्होंने इजरायल से जुड़े जहाजों के संबंध में भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उनके लिए रास्ता खोलने की अनुमति नहीं होगी।
Iran US Tension: ट्रंप ने क्या कहा था
डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले दावा किया था कि अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस नियंत्रण को बनाए रखने का इरादा रखता है।
ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य नाकाबंदी को बेहद मजबूत बताते हुए इसे ‘स्टील की दीवार’ जैसा बताया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि ईरान अमेरिका के इस कदम का प्रभावी तरीके से मुकाबला नहीं कर सकता।
Iran US Tension: हॉर्मुज को लेकर दोनों देशों के दावे आमने-सामने
ट्रंप के बयान और ईरान की प्रतिक्रिया से साफ है कि दोनों पक्ष रणनीतिक जलमार्ग पर अपने-अपने प्रभाव और नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। अमेरिका जहां अपनी सैन्य क्षमता के आधार पर हॉर्मुज में दबदबे की बात कर रहा है, वहीं ईरान अपने क्षेत्रीय प्रभाव और समुद्री नियंत्रण को लेकर पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा।
इस टकराव का असर केवल दोनों देशों के संबंधों तक सीमित नहीं है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी किसी भी बड़ी बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।
Iran US Tension: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण
हॉर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। खाड़ी क्षेत्र से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति में इसकी अहम भूमिका है।
यही वजह है कि यहां तनाव बढ़ने पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों, शिपिंग लागत और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है। दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं खाड़ी क्षेत्र से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर हैं।
Iran US Tension: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ सकता है तनाव
हॉर्मुज को लेकर आए ताजा बयानों से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका की ओर से नियंत्रण का दावा और ईरान की ओर से उसका सीधा खंडन बताता है कि रणनीतिक जलमार्ग को लेकर दोनों पक्षों की स्थिति बेहद सख्त है।
अगर जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध और सैन्य दबाव आगे बढ़ता है, तो इसका प्रभाव क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बयान एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं और हॉर्मुज को लेकर स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।



