Report: Vandna Rawat
UP Defence Industrial Corridor उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि निवेशकों के बीच प्रदेश ने संवाद, सुविधा और निरंतर सहयोग के जरिए अपना भरोसा बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास अब केवल निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग स्थापित होने तक उन्हें आवश्यक सहयोग और हैंडहोल्डिंग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे दिन उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के ‘फ्रॉम योर फैक्ट्री टू द फ्रंट लाइन’ नॉलेज सेशन में नंदी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों और प्रमुख शहरों में रोड शो तथा निवेशकों के साथ लगातार संवाद का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश के प्रति भरोसा बढ़ा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में विभिन्न देशों की भागीदारी को भी उन्होंने इसी संवाद का हिस्सा बताया।
छह नोड में निवेश और औद्योगिक इकोसिस्टम पर जोर
UP Defence Industrial Corridor नंदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़ और आगरा में निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर इन्हीं छह नोड में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार करना चाहती है, जिसमें निवेशक को फाइल लेकर एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। निवेशक के प्रदेश में आने के बाद उसकी जरूरतों को समझकर संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय कर समाधान उपलब्ध कराया जाए।
नंदी ने कहा कि केवल जमीन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। निवेशकों को नीति, कनेक्टिविटी, आधारभूत ढांचे, परीक्षण, तकनीकी सुविधाओं और जरूरी अनुमतियों के संबंध में भी सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से निवेशक सुविधा को कार्यालय की कार्यप्रणाली और व्यवहार से जोड़ने पर जोर दिया।
एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए भी रक्षा क्षेत्र में अवसर
UP Defence Industrial Corridor औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र केवल टैंक, मिसाइल या विमान निर्माण तक सीमित नहीं है। प्रिसीजन कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, सेंसर, बैटरी, विशेष केबल, सॉफ्टवेयर, तकनीकी टेक्सटाइल, एडवांस मटेरियल, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी पूरी सप्लाई चेन में उद्योगों के लिए अवसर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड में रक्षा विनिर्माण का इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिसका लाभ बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई, स्टार्टअप, कंपोनेंट निर्माता और तकनीकी कंपनियों को भी मिल सकता है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कॉरिडोर का उद्देश्य रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है।
नंदी ने निवेश के लिए कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और भरोसे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बेहतर एक्सप्रेसवे, परिवहन नेटवर्क, एयर कनेक्टिविटी और औद्योगिक आधारभूत ढांचे से कारोबार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग और सरकार के बीच संबंध सहयोग और साझेदारी पर आधारित होने चाहिए। निवेशकों से उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और यूपीडा से जुड़ने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों के साथ कदम-दर-कदम सहयोग करने के लिए प्रयासरत है।


