धनतेरस दीपावली से 2 दिन पहले मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस यानी कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इस वजह से इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी तिथि के नाम से जाना जाता है। धनतेरस का पर्व मां लक्ष्मी की पूजा और धन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोने, चांदी के जेवर और बर्तन आदि सबसे ज्यादा खरीदते हैं। तो इस बार धनतेरस पर क्या है ख़ास, और कैसे करें आप माँ लक्ष्मी और धन्वन्तरी को प्रसन्न, बताएँगे अपने इस खास कार्यक्रम में जहाँ हमारे साथ जुड़ रहे है आचार्य रविशंकर तिवारी जी।





