ऑपरेशन सिंदूर के बाद कश्मीर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सुरक्षा हालात की करेंगे समीक्षा

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BY: Yoganand Shrivastva

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज श्रीनगर का दौरा किया, जो हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर समझौते के बाद उनका घाटी का पहला दौरा है। यह दौरा सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

श्रीनगर दौरे की प्रमुख बातें

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज सुबह श्रीनगर पहुंचे।
  • वह बादामी बाग छावनी में 15 कोर मुख्यालय जाएंगे।
  • वहां वह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे।
  • दौरे के बाद वे आज ही दिल्ली लौटेंगे

ऑपरेशन सिंदूर के बाद का यह पहला दौरा क्यों है खास?

ऑपरेशन सिंदूर, भारत की सेना द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई एक सफल सर्जिकल स्ट्राइक थी। इस मिशन में इसरो के उपग्रहों और भारतीय सेना के तालमेल ने बड़ी भूमिका निभाई। ऐसे में रक्षा मंत्री का कश्मीर दौरा संकेत देता है कि:

  • भारत सीमा सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है।
  • आने वाले समय में सुरक्षा रणनीति में नए बदलाव हो सकते हैं।
  • सेना के मनोबल को बढ़ाने और ग्राउंड सिचुएशन की वास्तविक जानकारी जुटाने के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है।

15 कोर मुख्यालय में सुरक्षा हालात पर बातचीत

श्रीनगर स्थित 15 कोर (चिनार कोर) मुख्यालय पर रक्षा मंत्री का फोकस होगा:

  • एलओसी (LoC) पर गतिविधियों की समीक्षा।
  • हालिया सीजफायर उल्लंघनों पर चर्चा।
  • आतंकवाद-रोधी अभियानों की स्थिति और भविष्य की योजना।

जम्मू में 15 मई से खुलेंगे सीमावर्ती स्कूल

दूसरी तरफ, भारत-पाक तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर के कई सीमावर्ती क्षेत्रों में 15 मई से स्कूल दोबारा खोले जा रहे हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है।

खुलने वाले प्रमुख क्षेत्र:

  • सांबा, कठुआ, राजौरी और पूंछ जिलों के संवेदनशील क्षेत्र
  • राजौरी में: पीरी, कालाकोटे, थानमंडी, मोगला, कोतरांका, खवास, लोअर हथल, दरहाल
  • पूंछ में: सुरनकोट, बुफ़लियाज़

यह स्कूलों का दोबारा खुलना संकेत देता है कि हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।