संवाददाता – दिनेश नागवंशी
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Chhindwara मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तामिया क्षेत्र में पिछले 5 दिनों से जारी बेमौसम बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की साल भर की मेहनत को चंद मिनटों में तबाह कर दिया है। झिरपा, अनहोनी, चावलपानी और बम्हनी जैसे इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है।
Chhindwara 15 मिनट की ओलावृष्टि और भारी तबाही
क्षेत्र के किसानों के अनुसार, सोमवार को अचानक मौसम बदला और करीब 15 मिनट तक बेर और आंवले के आकार के ओले गिरे।
- फसलों का नुकसान: ओलों की मार इतनी तेज थी कि खड़ी गेहूं की फसल टूटकर जमीन पर गिर गई।
- खलिहानों में बर्बादी: जो फसल काटकर खलिहानों में रखी गई थी, वह भी बारिश के पानी में भीगकर खराब हो गई है, जिससे अनाज के काले पड़ने और सड़ने का डर सता रहा है।
Chhindwara विधायक सुनील उईके ने किया खेतों का दौरा
नुकसान की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक सुनील उईके प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुँचे। उन्होंने झिरपा और आसपास के गाँवों के खेतों में जाकर फसल की स्थिति का जायजा लिया।
- किसानों से संवाद: विधायक ने किसानों से बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने देखा कि अधिकांश किसानों की तैयार फसल अब कटाई के लायक भी नहीं बची है।
- प्रशासनिक सुस्ती: विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतनी बड़ी आपदा के बावजूद प्रशासन की टीम अब तक सर्वे के लिए खेतों में नहीं पहुँची है।
Chhindwara उचित मुआवजे और तत्काल सर्वे की मांग
फसलों की बर्बादी से आर्थिक संकट में घिरे किसानों ने सरकार से तत्काल राहत की गुहार लगाई है।
- सर्वे की मांग: किसानों और विधायक ने मांग की है कि राजस्व विभाग की टीमें तुरंत खेतों में पहुँचकर नुकसान का वास्तविक आकलन (पंचनामा) करें।
- मुआवजा: किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, अब फसल बर्बाद होने के बाद उनके पास परिवार पालने का कोई जरिया नहीं बचा है, इसलिए शासन उन्हें उचित मुआवजा प्रदान करे।





