Report: Imran khan
Chhatarpur छतरपुर जिले के चंदला थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 19 वर्षीय युवती के साथ न केवल दरिंदगी की गई, बल्कि शिकायत करने पर पूरे परिवार को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की धमकी दी गई। आलम यह है कि पुलिस की कथित निष्क्रियता और रसूखदारों के दबाव के चलते पीड़ित परिवार दर-दर भटकने को मजबूर है।
जंगल में कैद कर गैंगरेप और जबरन निकाह का आरोप
Chhatarpur पीड़ित परिवार के अनुसार, 26 अक्टूबर को गांव का ही एक विवाहित युवक युवती को शादी का झांसा देकर ले गया। आरोप है कि करतल-नरैनी के जंगलों में उसे सात दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, जहाँ मुख्य आरोपी और उसके तीन साथियों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जुल्म की इंतहा यहीं नहीं रुकी; 31 अक्टूबर को दबाव बनाकर युवती का विवाह किसी अन्य युवक से करा दिया गया। भाई के पास आए एक रोते हुए कॉल (“भैया मुझे बचा लो”) के बाद पुलिस की मदद से उसे छुड़ाया गया था।

“निर्वस्त्र कर घुमाएंगे”: धमकी के साये में पलायन
Chhatarpur जब पीड़ित पक्ष ने न्याय की गुहार लगाई, तो आरोपियों ने कथित तौर पर युवती की माँ और भाभी को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाने की खौफनाक धमकी दी। इस दहशत और भाजपा के एक स्थानीय नेता के कथित राजनीतिक दबाव के कारण, परिवार अपना पुश्तैनी गांव छोड़कर लवकुशनगर में शरण लेने को मजबूर हो गया है। परिवार का आरोप है कि पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज करने के बजाय समझौते का दबाव बना रही है।
पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल: बयान या लीपापोती?
Chhatarpur इस पूरे मामले में पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में है। पुलिस का तर्क है कि उनके पास युवती का एक वीडियो है जिसमें वह कार्रवाई से इनकार कर रही है, जबकि परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मनमाने ढंग से बयान दर्ज किए हैं।
- 164 के बयान नहीं: इतने संगीन मामले में युवती के बयान न्यायालय (धारा 164) के समक्ष नहीं कराए गए।
- काउंसलिंग का अभाव: पीड़ित युवती की कोई स्वतंत्र काउंसलिंग नहीं कराई गई।
- अधिकारी का पक्ष: पुलिस का कहना है कि युवती ने पहले अपनी मर्जी से जाना बताया था, हालांकि अब आरोपों की जांच की जा रही है।
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