रिपोर्ट: बॉबी अली भगवांं
पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा
Chhatarpur : मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत भगवां से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित सिद्धन मेला वर्षों से श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक रहा है। हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित यह एक दिवसीय मेला धसान नदी के बीचों-बीच स्थित भगवान शिव के प्राचीन मंदिर के आसपास सजता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि चाहे नदी का बहाव कितना भी तेज क्यों न हो, भोलेनाथ की कृपा से मंदिर और मेला हमेशा सुरक्षित रहता है।

श्रद्धालुओं की भक्ति और सामाजिक एकता
Chhatarpur मकर संक्रांति की सुबह से ही दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु मेला देखने और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। उन्होंने धसान नदी में पवित्र डुबकी लगाई और भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। मेला धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ ग्रामीण संस्कृति और सामूहिक एकता का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

स्थानीय सहयोग और सुरक्षित आयोजन
Chhatarpur मेले के दौरान प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर शांति और व्यवस्था बनाए रखी। स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित की और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना नहीं हुई। धसान नदी के बीच खड़ा शिव मंदिर और श्रद्धालुओं की भक्ति इस मेला को न केवल धार्मिक उत्सव, बल्कि ग्रामीण जीवन, संस्कृति और सामूहिक विश्वास का अमूल्य उत्सव बनाता है। यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आस्था और संस्कृति की धरोहर बनी रहेगी।
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