संवाददाता – वैभव चौधरी
शिक्षा विभाग सख्त – 50% से कम रिजल्ट वालों की वेतन वृद्धि पर रोक
शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए पहचाने जाने वाले धमतरी जिले में इस बार 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बेहद निराशाजनक रहे। राज्यभर में जहां धमतरी को आमतौर पर टॉप टेन जिलों में गिना जाता था, वहीं इस बार कक्षा 10वीं में जिला 24वें और 12वीं में 21वें स्थान पर रहा। इस गिरावट ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
रिजल्ट की समीक्षा के लिए संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग ने धमतरी बालक स्कूल में जिले के सभी प्राचार्यों की बैठक बुलाई। समीक्षा के दौरान उन्होंने कड़ी कार्रवाई करते हुए आदेश जारी किया कि जिन स्कूलों में परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा है, वहां के प्राचार्य की एक वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी। साथ ही जिन विषयों में 50% से कम रिजल्ट आया है, वहां के संबंधित विषय शिक्षकों की भी वेतन वृद्धि रोकी जाएगी।
इस निर्णय से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिले के कई स्कूलों में परिणाम बेहद खराब रहे हैं, और कुछ स्कूलों में तो 80% तक विद्यार्थी फेल हो गए हैं। इससे प्राचार्यों और शिक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि संयुक्त संचालक के निर्देश के बाद खराब प्रदर्शन वाले स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है, जिसमें संबंधित प्राचार्यों और शिक्षकों के नाम शामिल होंगे। यह सूची आगे की कार्रवाई के लिए विभाग को भेजी जाएगी।
शिक्षा विभाग के इस सख्त रुख से अब शिक्षकों पर जवाबदेही तय होने लगी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस कदम से भविष्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और छात्रों के परिणाम बेहतर होंगे।





