जानिए, कौन दिग्गज ब्लेयर हाउस में ठहरे, क्यों है ये ऐतिहासिक
ब्लेयर हाउस क्या है?
ब्लेयर हाउस, अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में स्थित एक ऐतिहासिक और राजसी गेस्ट हाउस है। यह व्हाइट हाउस के ठीक सामने स्थित है और यहाँ केवल चुनिंदा राष्ट्राध्यक्षों को रुकने का मौका मिलता है। अब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यहाँ ठहरे हैं।
ब्लेयर हाउस का इतिहास
यह इमारत 1824 में बनी थी और 1837 में इसे फ्रांसिस प्रेस्टन ब्लेयर ने खरीदा। बाद में, 1942 में अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूज़वेल्ट ने इसे आधिकारिक गेस्ट हाउस में बदल दिया। तब से यह स्थान अमेरिका की कूटनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया।
व्हाइट हाउस में नहीं, तो ब्लेयर हाउस में क्यों?
पहले विदेशी मेहमान व्हाइट हाउस में ठहरते थे, लेकिन 1940 के दशक में ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के देर रात सिगार पीते-पीते राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूज़वेल्ट के बेडरूम तक पहुँचने के बाद, फर्स्ट लेडी एलेनॉर रूजवेल्ट ने अलग गेस्ट हाउस की आवश्यकता महसूस की। यही कारण था कि ब्लेयर हाउस को आधिकारिक प्रेसिडेंट गेस्ट हाउस बना दिया गया।
ब्लेयर हाउस की भव्यता
- 60,600 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल
- 120 से अधिक कमरे
- 14 आलीशान गेस्ट रूम
- 3 बड़े डाइनिंग हॉल
- 2 विशाल कॉन्फ्रेंस रूम
- एक प्राइवेट ब्यूटी सैलून और वेलनेस सेंटर
- सुरक्षित गार्डन और आधुनिक सुविधाएँ
यह किसी 7-स्टार होटल से कम नहीं है। यहाँ की सुरक्षा भी व्हाइट हाउस के बराबर मानी जाती है।

ब्लेयर हाउस में कौन-कौन ठहरा है?
- विंस्टन चर्चिल (ब्रिटेन के प्रधानमंत्री)
- महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (ब्रिटेन की महारानी)
- चार्ल्स डी गॉल (फ्रांस के राष्ट्रपति)
- टॉनी ब्लेयर (ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री)
- बोरिस येल्तसिन (रूस के राष्ट्रपति)
- और अब, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ब्लेयर हाउस के दिलचस्प किस्से
1950 में यहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन पर जानलेवा हमला हुआ था। 1995 में रूस के राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन नशे में सिर्फ अंडरवियर में बाहर निकलकर टैक्सी लेने की कोशिश कर रहे थे।
पीएम मोदी का यहाँ ठहरना क्यों खास है?
पीएम मोदी का ब्लेयर हाउस में ठहरना भारत-अमेरिका संबंधों की गहराई को दर्शाता है। इस यात्रा में व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और इमिग्रेशन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। अमेरिका का यह सम्मान बताता है कि यह दौरा रणनीतिक रूप से कितना महत्वपूर्ण है।
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