अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का निधन, स्ट्रोक के बाद अस्पताल में थे भर्ती
अयोध्या, 12 फरवरी 2025 – अयोध्या राम मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का आज निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे और उनका निधन स्ट्रोक के कारण अस्पताल में भर्ती होने के कुछ दिन बाद हुआ। इस दुखद समाचार ने भक्तों और समुदाय के सदस्यों को शोक में डुबो दिया है।

आचार्य दास, जो राम जन्मभूमि मंदिर में अपनी सेवा के लिए प्रसिद्ध थे, रविवार को ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे। इलाज के बावजूद, उनका निधन हो गया। उनकी मौत ने धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति उनके योगदान को एक अमिट छाप छोड़ दिया है।
राम मंदिर में सेवा का लंबा सफर
आचार्य सत्येंद्र दास ने दशकों तक अयोध्या राम मंदिर में मुख्य पुजारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों और समारोहों का संचालन किया और लाखों भक्तों को उनकी आध्यात्मिक यात्रा में मार्गदर्शन किया। राम मंदिर के निर्माण और विकास में उनका अहम योगदान रहा और वह इसके लिए समर्पित थे।
राम मंदिर के उभरने के साथ, खासकर कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले और मंदिर के निर्माण के बाद, आचार्य दास एक प्रमुख धार्मिक हस्ती बन गए थे। उनका योगदान केवल पुजारी तक सीमित नहीं था, बल्कि वह राम मंदिर की परंपरा और विश्वास का प्रतीक बन गए थे।
भक्तों ने दी श्रद्धांजलि
वह भक्तों के बीच एक सशक्त धार्मिक नेता थे, जिन्होंने मंदिर के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था को फैलाया। आचार्य दास के निधन के बाद, उन सभी भक्तों ने उनके योगदान को याद किया जो उनके संपर्क में आए थे। देशभर के अनेक धार्मिक नेताओं और समुदायों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और उनकी सेवा को श्रद्धांजलि दी।
आध्यात्मिक विश्वास और समर्पण की धरोहर
आचार्य दास का जीवन उनके दृढ़ विश्वास और भगवान राम के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक था। अयोध्या राम मंदिर के विकास में उनका योगदान अनमोल रहेगा। उनकी सेवा और मार्गदर्शन के कारण उनका नाम हमेशा श्रद्धा और सम्मान के साथ लिया जाएगा।




