असम में भारी बारिश और लैंडस्लाइड: जानें मानसून की तबाही की पूरी रिपोर्ट

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मानसून ने नॉर्थ ईस्ट राज्यों में तबाही मचा दी है। असम, मेघालय, मिजोरम और सिक्किम में भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इस लेख में हम आपको मानसून से प्रभावित राज्यों में हुई आपदाओं की पूरी जानकारी देंगे और साथ ही सुरक्षा उपाय भी बताएंगे।


असम में लैंडस्लाइड और बाढ़ से भारी जनहानि

असम के कामरूप जिले में पिछले 24 घंटों में भयानक लैंडस्लाइड हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही बाढ़ की वजह से लगभग 10,000 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ और लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

मुख्य बातें:

  • 5 लोगों की मौत लैंडस्लाइड में
  • लगभग 10,000 लोग बाढ़ से प्रभावित
  • राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहे

मिजोरम में घर और होटल ध्वस्त, लोगों की जान को खतरा

मिजोरम के लॉन्ग्टलाई शहर में भी लैंडस्लाइड की वजह से 5 घर और 1 होटल धराशायी हो गया। इस घटना में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिससे बचाव कार्य की ज़रूरत बढ़ गई है।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • 5 घर और 1 होटल गिरा
  • कई लोग फंसे हो सकते हैं
  • राहत टीम सक्रिय

सिक्किम में चट्टानें खिसकी, कई घर मलबे में दबे

सिक्किम के थेंग और चुंगथांग इलाकों में भारी बारिश के कारण चट्टानें खिसकने लगीं। इससे कई घर मलबे के नीचे दब गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया है।


मेघालय में भी तबाही, तीन मौतें

मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में शुक्रवार को हुई तेज बारिश के कारण लैंडस्लाइड हुआ। इसमें एक महिला और एक 15 साल के लड़के समेत तीन लोगों की जान गई। एक व्यक्ति पानी में डूबने से मरा।

हाइलाइट्स:

  • महिला की मौत लैंडस्लाइड में
  • 15 साल के बच्चे की पेड़ के नीचे दबने से मौत
  • एक व्यक्ति डूबा

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में मौसम की सख्ती

जम्मू-कश्मीर में शनिवार को बर्फबारी हुई, जिसके कारण गुरेज-बांदीपुरा और मुगल रोड पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। हिमाचल प्रदेश में तेज़ आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


मई में बारिश का नया रिकॉर्ड

इस बार मई में मानसून की शुरुआत से ही भारी बारिश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 30 मई तक देशभर में औसतन 116.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो मई में अब तक की सबसे अधिक बारिश है। इससे पहले 1990 में 110.7 मिमी बारिश हुई थी। सामान्यतः मई में औसतन 61.4 मिमी बारिश होती है।


मानसून के दौरान सावधानियां और सुरक्षा टिप्स

मानसून के इस मौसम में सुरक्षित रहने के लिए कुछ जरूरी सुझाव:

  • भारी बारिश और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों से बचें
  • स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें
  • बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों की मदद करें
  • यदि संभव हो तो यात्रा को स्थगित करें
  • आपातकालीन नंबर और राहत केंद्रों की जानकारी रखें

निष्कर्ष

नॉर्थ ईस्ट भारत में मानसून ने भारी तबाही मचाई है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। असम, मिजोरम, सिक्किम और मेघालय में लैंडस्लाइड और बाढ़ ने जान-माल का नुकसान किया है। ऐसे में सावधानी, सतर्कता और त्वरित बचाव कार्य बेहद जरूरी है। आपदा से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

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