BY: Yoganand Shrivastva
दिल्ली: लाल किले के पास हुए धमाके पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस घटना के अ सली दोषियों को सरकार जल्द से जल्द पकड़कर छह महीने के भीतर फांसी की सजा दे, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को झूठे आरोपों में न फंसाया जाए। अबू आजमी ने कहा, “दिल्ली कोई छोटा कस्बा नहीं, बल्कि देश की राजधानी है। लाल किले के सामने विस्फोट होना सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभाग की बड़ी विफलता को दिखाता है।” उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने इस हमले में अपने परिजन खोए हैं, उनके प्रति उनकी पूरी संवेदना है।
उन्होंने आगे कहा कि “देश में कई बार ऐसा हुआ है कि वास्तविक गुनहगारों के बजाय बेगुनाहों को पकड़कर जेल में डाल दिया गया। मुंबई ट्रेन ब्लास्ट में 187 लोगों की जान गई थी, लेकिन आज तक असली दोषियों को सजा नहीं मिली। निर्दोष लोग 19 साल जेल में रहे और आखिरकार हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।” अबू आजमी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया, “मुंबई धमाकों के बाद मुझे भी गिरफ्तार किया गया था। मैं करीब एक साल तक जेल में रहा। अगर मेरे पास पैसे और संसाधन न होते तो शायद मैं भी बेगुनाह होते हुए जिंदगीभर जेल में रहता। देश में यह बहुत बड़ी नाइंसाफी है कि पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए निर्दोष लोगों को आरोपी बना देती है।”
फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल पर प्रतिक्रिया
फरीदाबाद में गिरफ्तार डॉक्टरों से जुड़े टेरर मॉड्यूल पर अबू आजमी ने कहा, “यह बेहद दुखद है कि पढ़े-लिखे लोग भी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाए जा रहे हैं। आतंकवाद किसी धर्म से नहीं, बल्कि अन्याय और जुल्म से जन्म लेता है। इसलिए सबसे पहले समाज से अन्याय खत्म होना चाहिए।”
चुनाव के समय ऐसे धमाकों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “मैं राजनीति नहीं करना चाहता, लेकिन यह भी जांच का विषय है कि आखिर चुनाव के वक्त ही इस तरह के ब्लास्ट क्यों होते हैं।” अबू आजमी ने अंत में कहा कि “सरकार को चाहिए कि असली अपराधियों को कठोर सजा दे, मगर किसी निर्दोष को सजा देकर नाइंसाफी न करे, क्योंकि बेगुनाह को सजा देना खुद एक बड़ा अपराध है।”





