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अब्बास अंसारी की विधायकी समाप्त, मऊ सीट पर उपचुनाव की संभावनाएं तेज

BY: Yoganand Shrivastva

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता और मऊ सदर से विधायक रहे अब्बास अंसारी की विधायकी खत्म कर दी गई है। हाल ही में उन्हें एक पुराने हेट स्पीच केस में दोषी करार देते हुए कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी। इस सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो गई है। अब मऊ सीट को लेकर उपचुनाव की चर्चा तेज हो गई है।

हेट स्पीच मामला और कोर्ट का फैसला

अब्बास अंसारी पर यह आरोप था कि उन्होंने साल 2022 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक भड़काऊ भाषण दिया था। उस बयान को लेकर उनके खिलाफ अदालत में मामला दर्ज किया गया था। लम्बी सुनवाई के बाद आखिरकार 1 जून 2025 को मऊ की स्थानीय अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई। यह सजा उनके राजनीतिक करियर पर सीधा असर डालने वाली साबित हुई।

क्यों गई अब्बास अंसारी की विधायकी?

भारतीय संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत अगर किसी विधायक या सांसद को दो साल या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है। इस आधार पर अब्बास अंसारी की मऊ सदर से विधायक पद की सदस्यता खत्म कर दी गई है। विधानसभा सचिवालय जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर सकता है।

क्या मऊ में उपचुनाव होंगे?

मऊ सीट पर उपचुनाव की पूरी संभावना बन रही है। लेकिन अगर अब्बास अंसारी हाईकोर्ट में अपील करते हैं और अदालत उनकी सजा पर स्थगन (Stay) आदेश दे देती है, तो उनकी विधायकी बहाल भी हो सकती है। यह स्थिति पूरी तरह हाईकोर्ट के निर्णय पर निर्भर करेगी।

मुख्तार अंसारी की विरासत और मऊ सीट का महत्व

अब्बास अंसारी, उत्तर प्रदेश के कद्दावर और विवादित नेता रहे मुख्तार अंसारी के बेटे हैं। मऊ सदर विधानसभा सीट पर मुख्तार अंसारी ने वर्षों तक दबदबा बनाए रखा और कई बार विधायक बने। अब्बास ने 2022 में अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए सुभासपा के टिकट पर यह सीट जीती थी। मऊ की राजनीति में अंसारी परिवार का गहरा प्रभाव रहा है।

सुभासपा और एनडीए की भूमिका

सुभासपा वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी पार्टी है। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह अब्बास अंसारी की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

ब तक कितने विधायकों की गई विधायकी?

अब्बास अंसारी 18वीं यूपी विधानसभा में ऐसे छठे विधायक हैं जिनकी सदस्यता समाप्त हुई है। इससे पहले आज़म खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म, इरफान सोलंकी, विक्रम सैनी और रामदुलार गोंड की विधायकी भी विभिन्न कारणों से जा चुकी है।

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